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31,000 के पार जाते ही क्या निफ्टी आईटी में आएगी बड़ी तेजी?

आईटी सेक्टर में हाल के दिनों में जो हलचल देखने को मिली है, उसने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर इस ओर खींचा है। पिछले कुछ दिनों और खासकर पिछले हफ्ते में इस सेक्टर में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि अगर निफ्टी आईटी के चार्ट को देखें तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सेक्टर ने अपना बॉटम बना लिया है या फिर अभी सिर्फ एक तकनीकी उछाल (रिट्रेसमेंट) चल रहा है। फिलहाल तस्वीर थोड़ी सकारात्मक जरूर दिख रही है, लेकिन इसे पूरी तरह से मजबूत ट्रेंड का संकेत मानना अभी जल्दबाजी होगी। तकनीकी नजरिए से देखें तो आईटी सेक्टर के लिए 31,000 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है। जब तक इंडेक्स इस स्तर के ऊपर जाकर मजबूती से क्लोज नहीं करता, तब तक इसमें स्ट्रक्चरल मजबूती की पुष्टि नहीं मानी जाएगी। हालांकि, हाल के चार्ट में दो मजबूत ग्रीन कैंडल्स दिख रही हैं, जो संकेत देती हैं कि बाजार में कुछ शॉर्ट टर्म स्ट्रेंथ जरूर आई है। रुपये की कमजोरी (depreciation) और अप्रैल में आने वाले कंपनियों के नतीजों की उम्मीद भी इस सेक्टर में हल्की खरीदारी का कारण बन रही है।

अगर 31,000 के स्तर को पार किया जाता है, तो यह 23.6% फिबोनाची रिट्रेसमेंट के ऊपर जाने जैसा होगा, जो किसी भी गिरावट के बाद ट्रेंड बदलने का पहला संकेत होता है। इसके बाद इंडेक्स 33,000 की ओर बढ़ सकता है, जो अगला महत्वपूर्ण रिट्रेसमेंट स्तर (लगभग 38%) माना जाएगा। इसलिए, इस स्तर के ऊपर टिकाव आने पर टैक्टिकल यानी शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के अवसर बन सकते हैं।

हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस सेक्टर में निवेश के लिए सही स्टॉक्स का चुनाव करना आसान नहीं है। ऐसे में एक व्यावहारिक रणनीति यह हो सकती है कि उन आईटी स्टॉक्स को चुना जाए जिनमें “हायर लो” का पैटर्न बन रहा है—यानी हर गिरावट पिछले लो से ऊपर रुक रही है। खासकर 17 मार्च और 30 मार्च के आसपास बने लो को ध्यान में रखते हुए, लेटेस्ट हायर लो को स्टॉप लॉस मानकर ट्रेड किया जा सकता है। इस तरह रिस्क पहले से तय करके पोजीशन ली जा सकती है।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि यह रणनीति लॉन्ग टर्म निवेश के लिए नहीं बल्कि शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के लिए ज्यादा उपयुक्त है। आईटी सेक्टर में अभी भी बड़ी संरचनात्मक मजबूती नहीं आई है, इसलिए इसमें पोर्टफोलियो बनाने के बजाय मौके देखकर सीमित अवधि के लिए ट्रेड करना बेहतर रहेगा। साथ ही, यह पूरी तरह निवेशक की जोखिम लेने की क्षमता (risk appetite) पर निर्भर करता है कि वह 31,000 के ब्रेकआउट का इंतजार करे या मौजूदा स्तरों पर ही सीमित रिस्क के साथ एंट्री ले।

आईटी सेक्टर में फिलहाल एक संभावित रिकवरी का संकेत जरूर है, लेकिन इसे कन्फर्म ट्रेंड रिवर्सल मानने से पहले महत्वपूर्ण स्तरों के ब्रेकआउट का इंतजार करना समझदारी होगी। सही स्टॉक चयन, स्पष्ट स्टॉप लॉस और अनुशासित रिस्क मैनेजमेंट के साथ ही इस सेक्टर में अवसरों का लाभ उठाया जा सकता है।

 



(शेयर मंथन, 07 अप्रैल 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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