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शेयर बाजार

उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स, निफ्टी सपाट बंद

वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत देखने को मिले। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार देखने को मिला। डाओ करीब 400 अंक सुधरकर 35 अंक चढ़कर बंद हुआ, वहीं नैस्डैक 165 अंकों की रिकवरी के बाद सिर्फ 20 अंक की कमजोरी के साथ बंद हुआ।

शेयर बाजार में बढ़त के साथ सामान्य कारोबार का इशारा, सिंगापुर निफ्टी में दिखी तेजी

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार (05 दिसंबर) को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। सिंगापुर निफ्टी में आज सुबह 8.20 बजे के आसपास 48.0 अंकों की तेजी नजर आ रही है और यह 0.25% बढ़ कर 18,872.5 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

बाजार में 8 दिनों से जारी तेजी पर लगा विराम, सेंसेक्स 416, निफ्टी 116 अंक गिर कर बंद

वैश्विक बाजारों से सुस्त संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजार में मिला-जुला कारोबार देखा गया। उतार-चढ़ाव के बीच डाओ में 200 अंकों की गिरावट देखी गई। नैस्डैक पर हल्की बढ़त रही।

TMRW ने डीटूसी ब्रांड Bewakoof (बेवकूफ) ब्रांड का अधिकांश हिस्सा खरीदा

आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी TMRW ने D2C (डीटूसी) ब्रांड bewakoof (बेवकूफ) ब्रांड का अधिकांश हिस्सा खरीदा है। कंपनी ने हिस्सा खरीद पर 200 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

शेयर बाजार में सपाट कारोबार के आसार, सिंगापुर निफ्टी से मिल रहे संकेत

भारतीय शेयर बाजार में आज शुक्रवार (02 दिसंबर) को सपाट कारोबार की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। सिंगापुर निफ्टी में आज सुबह 8.20 बजे के आसपास 49.5 अंकों की सुस्ती नजर आ रही है और यह 0.26% फिसल कर 18,926.0 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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