शेयर मंथन में खोजें

शेयरों पर नजर (Stocks to Watch) : भारती इन्फ्राटेल, टाटा मोटर्स, बजाज फाइनेंस, बैंक ऑफ बड़ौदा और बीएचईएल

खबरों के कारण जो शेयर आज नजर में रहेंगे उनमें भारती इन्फ्राटेल, टाटा मोटर्स, बजाज फाइनेंस, बैंक ऑफ बड़ौदा और बीएचईएल शामिल हैं।

आज तिमाही नतीजे - टाटा मोटर्स, बजाज फाइनेंस, बैंक ऑफ बड़ौदा, अंबुजा सीमेंट्स, बायोकॉन, बजाज फिनसर्व, ताज जीवीके, भारत बिजली, टाटा स्टील बीएसएल, टाटा कॉफी, जुबिलेंट इंडस्ट्रीज, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, पीवीआर, एम्फैसिस, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और साउथ इंडियन बैंक
क्वेस कॉर्प - साल दर साल आधार पर क्वेस कॉर्प का तिमाही मुनाफा 25.4% की गिरावट के साथ 56.3 करोड़ रुपये रह गया।
सिंडिकेट बैंक - बैंक को अप्रैल-जून में 980.4 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
भारती इन्फ्राटेल - कंपनी का तिमाही मुनाफा 39% अधिक 887 करोड़ रुपये रहा।
पीआई इंडस्ट्रीज - कंपनी का तिमाही मुनाफा 82.2 करोड़ रुपये से 23.6% की बढ़ोतरी के साथ 101.6 करोड़ रुपये रहा।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल - कंपनी का तिमाही मुनाफा 1.2% बढ़ कर 284.9 करोड़ रुपये रहा।
सागर सीमेंट्स - कंपनी का मुनाफा 5.82 करोड़ रुपये से बढ़ कर 29.51 करोड़ रुपये हो गया।
सिंजीन इंटरनेशनल - कंपनी का मुनाफा 66.2 करोड़ रुपये से बढ़ कर 72 करोड़ रुपये रहा।
फ्यूचर एंटरप्राइजेज - केयर ने कंपनी की डेब्ट रेटिंग स्थिर से घटा कर नकारात्मक की।
बीएचईएल - कंपनी ने एनटीपीसी के साथ 800 मेगावाट कोल-फायर्ड विद्युत संयंत्र के लिए संयुक्त उद्यम किया। (शेयर मंथन, 25 जुलाई 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख