शेयर मंथन में खोजें

डॉ रेड्डीज (Dr Reddys) के तिमाही मुनाफे में 45% इजाफा

वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही की तुलना में 2019-20 की समान अवधि में प्रमुख दवा कंपनी डॉ रेड्डीज (Dr Reddys) के मुनाफे में 45% की बढ़ोतरी दर्ज की गयी।

कंपनी का मुनाफा 456.1 करोड़ रुपये से बढ़ कर 662.8 करोड़ रुपये रहा। साल दर साल आधार पर ही डॉ रेड्डीज की शुद्ध आमदनी 3,720.7 करोड़ रुपये से 3% की बढ़त के साथ 3,843.5 करोड़ रुपये हो गयी।
डॉ रेड्डीज का तिमाही एबिटा 807.1 करोड़ रुपये से 41.65% बढ़ कर 1,134.3 करोड़ रुपये और एबिटा मार्जिन 21.7% के मुकाबले 29.5% रहा।
बता दें कि डॉ रेड्डीज के उत्तर अमेरिकी कारोबार में 3%, वैश्विक जेनेरिक आमदनी में 8%, भारत में 15% और यूरोप में 19% बढ़ोतरी दर्ज की गयी।
दूसरी तरफ बीएसई में डॉ रेड्डीज का शेयर 2,704.45 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले आज सुबह बढ़ोतरी के साथ 2,720.00 रुपये पर खुल कर आज 2,623.00 रुपये के निचले स्तर तक गिरा।
अंत में यह 51.90 रुपये या 1.92% की कमजोरी के साथ 2,652.55 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 44,046.91 करोड़ रुपये है। वहीं पिछले 52 हफ्तों में कंपनी के शेयर का शिखर 2,965.20 रुपये और निचला स्तर 2,060.00 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 29 जुलाई 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख