शेयर मंथन में खोजें

माइंडट्री (Mindtree) के मुनाफे में 45.6% की बढ़ोतरी

2019 की अप्रैल-जून तिमाही के मुकाबले जुलाई-सितंबर तिमाही में माइंडट्री (Mindtree) के मुनाफे में 45.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गयी।

कंपनी ने 92.7 करोड़ रुपये की तुलना में 135 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इसी अवधि में माइंडट्री की शुद्ध तिमाही आमदनी 1,834.2 करोड़ रुपये से 4.4% की वृद्धि के साथ 1,914.3 करोड़ रुपये हो गयी।
माइंडट्री का तिमाही एबिटा तिमाही दर तिमाही आधार पर 34.8% की बढ़ोतरी के साथ 248.2 करोड़ रुपये और एबिटा मार्जिन 300 आधार अंक सुधर कर 13% हो गया। माइंडट्री की डिजिटल आमदनी 2.6% और डिजिटल टीसीवी आमदनी 2.2% बढ़ी।
वहीं डॉलर देखें तो तिमाही दर तिमाही आधार पर कंपनी की आमदनी 2.6% अधिक 27.10 करोड़ डॉलर और मुनाफा 43.5% की बढ़ोतरी के साथ 1.92 करोड़ डॉलर रहा।
सितंबर तिमाही समाप्ति पर माइंडट्री के कुल सक्रिय ग्राहक 343 रहे, जबकि तिमाही के दौरान 50 लाख डॉलर ग्राहकों की संख्या 1 बढ़ कर 47 हो गयी।
प्रमुख ब्रोकिंग फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने माइंडट्री के नतीजों को बेहतर बताया है। माइंडट्री की आमदनी अनुमान से अधिक और मार्जिन अंदाजे के करीब रहा।
बीएसई में माइंडट्री का शेयर 743.30 रुपये के पिछले बंद भाव की तुलना में 748.50 रुपये पर खुल कर 720.00 रुपये के निचले स्तर तक फिसला है। करीब 10 बजे यह 11.20 रुपये या 1.51% की गिरावट के साथ 732.10 रुपये के भाव पर चल रहा है इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 12,022.78 करोड़ रुपये है। वहीं इसके पिछले 52 हफ्तों का शिखर 998.00 रुपये और निचला स्तर 652.50 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 17 अक्टूबर 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख