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सुजलॉन एनर्जी शेयरों में फंसे निवेशक क्या करें? जानिए आगे की रणनीति

सुधीर जानना चाहते हैं कि उन्हें सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 53 रुपये पर खरीदारी की है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

आईटी सेक्टर में आई हल्की तेजी, क्या बन गया बॉटम, निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?

आईटी सेक्टर की बात करें तो हाल के दिनों में इसमें हल्की मजबूती जरूर देखने को मिली है, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह सेगमेंट अपना बॉटम बना चुका है।

युद्ध के बावजूद क्यों कमजोर पड़े सोना-चाँदी?एक्सपर्ट से समझिए बड़ा कारण

वैश्विक परिस्थितियों के बीच सोना और चाँदी की चाल इस बार पारंपरिक ट्रेंड से अलग नजर आ रही है। आमतौर पर जब भी युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो सोना-चांदी जैसे सेफ हेवन एसेट्स में तेजी देखने को मिलती है।

निफ्टी बैंक में उतार-चढ़ाव जारी, जानें बैंक निफ्टी की भविष्यवाणी और विश्लेषण

बैंकिंग सेक्टर पर नजर डालें तो हाल के दिनों में बैंक निफ्टी की चाल काफी हद तक निफ्टी 50 के समान ही रही है। सप्ताह की शुरुआत दबाव के साथ हुई, हालांकि उसी दिन बाजार ने थोड़ी रिकवरी भी दिखाई।

आईडीएफसी बैंक में फंसे निवेशक क्या करें? एक्सपर्ट से जानिए सही रणनीति

मामराज सेन जानना चाहते हैं कि उन्हें आईडीएफसी बैंक (IDFC BANK) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 77 रुपये के भाव पर 1065 शेयर खरीदे हैं। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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