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2023 में मैक्रोटेक की 3800 करोड़ रुपए निवेश की योजना

 रियल्टी कंपनी मैक्रोटेक की वित्त वर्ष 2023 में 3800 करोड़ रुपए निवेश की योजना है। कंपनी की रियल्टी प्रोजेक्ट्स पर 3800 करोड़ रुपए निवेश की योजना है। कंपनी यह रकम मौजूदा चल रहे प्रोजेक्ट्स के अलावा नए प्रोजेक्ट्स पर निवेश करेगी। मैक्रोटेक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक लोढ़ा ने बताया कि अगले साल मार्च तक कंपनी की 10,000 घरों की डिलिवरी का लक्ष्य है।

इंडियन बैंक के ग्राहकों को मिलेगी डिजिटल 'ई-ब्रोकिंग' सेवा

सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक इंडियन बैंक ने डिजिटल ब्रोकिंग, सॉल्यूशन से पर्दा उठाया है। इसका नाम 'ई-ब्रोकिंग' रखा गया है। बैंक ने यह सुविधा डिजिटाइजेशन मिशन के तहत शुरू किया है। इस सुविधा के तहत ग्राहकों को ऑनलाइन डीमैट और ट्रेडिंग खाता खोलने की सुविधा दी गई है। कंपनी ने 'ई-ब्रोकिंग' की यह सुविधा एक रणनीतिक कदम के तहत उठाया है जिसके तहत ग्राहकों को सभी सुविधाएं डिजिटल तरीके से दी जाएगी।

एसजेवीएन ने 90 मेगा वाट के फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट का ऑर्डर जीता

एसजेवीएन यानी सतलज जल विद्युत निगम लिमिटेड (Satluj Jal Vidyut Nigam) को 90 मेगा वाट के तैरते हुए सोलर प्रोजेक्ट के लिए ऑर्डर मिला है। कंपनी को 585 करोड़ रुपए का यह ऑर्डर मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर से मिला है। एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से मिलने वाली एनर्जी 3.26 प्रति इकाई की दर से उपलब्ध होगा। यह प्रोजेक्ट बीओटी यानी बिल्ड ओन और ट्रांसफर के आधार पर विकसित किया जाएगा। कंपनी ने यह ऑर्डर रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड की ओर से मंगाए गए टेंडर के जरिए हासिल किया है।

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    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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