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ऑटो एंसिलरी शेयर के लिए अगली रणनीति क्या है, आपको निवेश करना चाहिए या नहीं?

चंद्रमौलि अईयर जानना चाहते हैं कि उन्हें ऑटो एंसिलरी के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी ताज़ा खबर यह है कि हाल ही में आए जीएसटी 2.2 ने बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। शुरुआती दौर में इसका असर तैयार उत्पादों (ready-made products) पर सीधा देखने को मिला, जिसके चलते ऑटो कंपनियों की सेल्स में तेजी दर्ज की गई। खासकर टू-व्हीलर और पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में कंपनियों ने तुरंत ही अधिक मात्रा में बिक्री की। हालांकि, ऑटो एंसिलरीज (Auto Ancillaries) यानी ऑटो पार्ट्स और सपोर्ट उत्पादों पर इसका असर तुरंत देखने को नहीं मिलेगा। क्योंकि इस नई टैक्स व्यवस्था के तहत कंपनियों को नए मैन्युफैक्चरिंग सेटअप और प्रोडक्ट लाइन-अप तैयार करने में एक से दो क्वार्टर का समय लगेगा। ऐसे में सितंबर तिमाही में एंसिलरी कंपनियों की बिक्री पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। जीएसटी 2.2 का तात्कालिक फायदा ऑटो कंपनियों को मिला है, जबकि ऑटो एंसिलरी कंपनियों के लिए असली खेल आने वाले कुछ महीनों में शुरू होगा। इस लिहाज से समझदारी भरा निवेश धैर्य और सही समय की मांग करता है।


(शेयर मंथन, 01 अक्टूबर 2025)

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