शेयर मंथन में खोजें

अंबुजा सीमेंट के शेयरों पर विशेषज्ञ की क्या राय? जानें निवेशकों को आगे करना चाहिए?

अभिषेक जानना चाहते हैं कि उन्हें अंबुजा सीमेंट के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने अंबूजा सीमेंट के शेयर 590 रुपये के भाव पर खरीदे हैं और उनका नजरिया लंबी अवधि का है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

 बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि अब जबकि अक्टूबर के मध्य में मानसून का वापसी चरण पूरा हो चुका है, तो निर्माण गतिविधियों में फिर से तेजी आने की संभावना है। इसका सीधा लाभ सीमेंट कंपनियों को मिल सकता है। हालांकि, बीते क्वार्टर में लंबी बरसात के कारण डिमांड कमजोर रही और नतीजतन इस अवधि के नतीजे (results) कुछ खास नहीं रहेंगे। अंबूजा सीमेंट मजबूत कंपनी है और सेक्टर के सुधार के साथ इसमें पुनरुद्धार (revival) की संभावना है। हालांकि, रिजल्ट आने से पहले किसी भी नई खरीद या बड़ी पोजिशन लेने से बचना चाहिए। 600 रुपये का स्तर यहां निर्णायक रहेगा। इसके ऊपर जाने पर स्टॉक में नई तेजी की कहानी शुरू हो सकती है, जबकि इसके नीचे फिलहाल स्थिरता बनाए रखना ही समझदारी भरा कदम होगा।


(शेयर मंथन, 21 अक्टूबर 2025)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ फंड - निवेश मंथन (मई 2026)

    पिछले दो वित्त-वर्ष शेयर बाजार और उसके साथ ही इक्विटी केंद्रित म्यूचुअल फंडों के लिए भी आशा-निराशा के बीच झूलते रहने वाले साबित हुए हैं। इस उठापटक ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंडों के प्रतिफल (रिटर्न) को बुरी तरह चोट पहुँचायी है। इस लिहाज से 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले फंडों का चयन करना एक सहज अध्ययन नहीं है। 

  • युद्ध, तेल संकट और महँगाई : सरकार क्यों दिखा रही बचत की राह - निवेश मंथन (अप्रैल 2026)

    प्रधानमंत्री मोदी की मितव्ययिता की अपील ने देश में खतरे की घंटी बजा दी है। सरकार हाल तक “सब ठीक है” का भरोसा दिला रही थी, पर अब प्रधानमंत्री ने पूरे देश को एकजुट होकर संकट का सामना करने का संदेश दे दिया है। 

देश मंथन के आलेख