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साप्ताहिक निपटान के दिन बाजार में शानदार तेजी,निफ्टी 149, सेंसेक्स 335 अंक चढ़ कर बंद

वैश्विक बाजारों से स्थिर संकेत देखने को मिले। उतार-चढ़ाव के बीच अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। डाओ जोंस पर 250 अंकों के दायरे में कारोबार हुआ।

साप्ताहिक निपटान के दिन बाजार में शानदार तेजी,निफ्टी 173,सेंसेक्स 539 अंक चढ़ कर बंद

फेड पॉलिसी के दम पर अमेरिकी बाजार में तीसरे दिन बड़ी तेजी देखने को मिली। डाओ जोंस 400 अंक उछलकर रिकॉर्ड बनाया। S&P 500 पर भी नया रिकॉर्ड बना।

साप्ताहिक निपटान के दिन बाजार शानदार बढ़त के साथ बंद

वैश्विक बाजारों से सुस्त संकेत देखने को मिले। डाओ की 3 दिनों की तेजी पर विराम लग गया। डाओ जोंस पर 250 अंकों के दायरे में कारोबार हुआ। आखिर में डाओ जोंस 40 अंक फिसलकर बंद हुआ।  नैस्डैक 50 अंक गिर कर बंद हुआ। यूरोप के बाज़ारों में हल्की बढ़त देखी गई। एसजीएक्स (SGX) निफ्टी की सुस्त शुरुआत हुई। वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों के आधार पर भारतीय बाजार की धीमी शुरुआत हुई।

साप्ताहिक निपटान के दिन बाजार शानदार तेजी के साथ बंद

 वैश्विक बाजारों में अच्छे संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजारों में हल्की बढ़त देखने को मिली। 400 अंकों की रेंज में कारोबार देखा गया।

साप्ताहिक निपटान के दिन भारी उतार-चढ़ाव के बीच बाजार गिरावट के साथ बंद

यूएस फेड ने ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी की। वहीं फेड ने आगे भी दर बढ़ाने के संकेत दिए। हालाकि फेड का मानना है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी अब खत्म होने पर है। यूएस फेड ने हालिया बैंकिंग संकट को लेकर सतर्क दिखा। मार्च 2022 के बाद नौवीं बार यूएस फेड ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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