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2025 की शुरुआत में बाजार में जारी रहेगा कंसोलिडेशन, दूसरी छमाही में बदलेंगे हालात : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद शेयर बाजार 2024 के आखरी कारोबारी सत्र को सपाट रुझान के साथ खत्म करने में सफल रहे। निफ्टी 23,644 के स्तर पर बंद हुआ और कैलेंडर वर्ष 2024 में लगभग 9% रिटर्न दिया।

21500 से 21600 के बीच आंशिक मुनाफावसूली कर सकते हैं कारोबारी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक मंगलवार (26 दिसंबर) को प्रमुख सूचकांक में सकारात्मक गति जारी रही और  निफ्टी में 92 अंक, तो सेंसेक्स 230 अंकों की उछाल दर्ज की गयी।

21490 का स्तर होगा अहम, इसके नीचे बढ़ेगी कमजोरी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक मंगलवार (09 जनवरी) को प्रमुख सूचकांक में उतार-चढ़ाव भरा कारोबारी सत्र देखने को मिला था। इसके बाद निफ्टी में 32 अंक और सेंसेक्स 21 अंक जोड़ कर बंद हुए। 

21800 के ऊपर जारी रहेगी पुलबैक रैली, फिसला तो 21700-21650 का रीटेस्ट : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक बुधवार (20 मार्च) को बेंचमार्क सूचकांक में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, निफ्टी 22 अंक ऊपर और सेंसेक्स 90 अंकों की तेजी के साथ बंद हुए।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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