क्या कैपिटल गुड्स और डोमेस्टिक कंजम्प्शन का कॉम्बिनेशन सही दांव है?
कैपिटल गुड्स और डोमेस्टिक कंजम्प्शन का संयोजन मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में एक मजबूत और लॉन्ग-टर्म निवेश थीम के रूप में उभर सकता है, लेकिन इसमें समय और धैर्य की जरूरत होगी।
कैपिटल गुड्स और डोमेस्टिक कंजम्प्शन का संयोजन मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में एक मजबूत और लॉन्ग-टर्म निवेश थीम के रूप में उभर सकता है, लेकिन इसमें समय और धैर्य की जरूरत होगी।
कच्चे तेल की कीमतें इस समय 100 डॉलर के नीचे जरूर आ चुकी हैं, लेकिन बाजार के लिए असली राहत तब मानी जाएगी जब ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे स्थिर रूप से आ जाए।
हालिया बाजार तेजी में बैंकिंग सेक्टर ने अग्रणी भूमिका निभाई, जबकि आईटी सेक्टर अपेक्षाकृत सुस्त बना रहा। यह स्थिति बाजार के भीतर चल रही सेक्टोरल असमानता को दिखाती है।
हालिया बाजार तेजी को लेकर यदि एक प्रमुख कारण की बात करें, तो इसे मुख्य रूप से एक्सपायरी से जुड़ी शॉर्ट कवरिंग का परिणाम माना जा सकता है।
वैश्विक निवेशकों यानी एफआईआई (Foreign Institutional Investors) की लगातार बिकवाली के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में मजबूती देखना एक महत्वपूर्ण संकेत है।