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एसबीआई बैंक शेयर को 837 रुपये पर खरीदा, क्या अब भी होल्ड करना सही रहेगा?

सुधीर जानना चाहते हैं कि उन्हें एसबीआई बैंक (SBI Bank) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 837 रुपये के स्तर पर निवेश किया है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि तकनीकी नजरिये से देखा जाए तो एसबीआई अपने “साइकिल टारगेट” यानी लगभग 1200 से 1250 रुपये के स्तर को छू चुका है, जिसके बाद स्टॉक में करेक्शन देखने को मिला है। यह संकेत देता है कि फिलहाल शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर हो चुका है और चार्ट पर “आइलैंड रिवर्सल” जैसे पैटर्न भी बने हैं, जो आमतौर पर गिरावट या कंसोलिडेशन की ओर इशारा करते हैं। ऐसे में आने वाले समय में 900 से 1000 रुपये के बीच नया बेस बनने की संभावना जतायी जा रही है।

रणनीति की बात करें तो अगर निवेशक पूरी तरह लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण रखते हैं और भारत की बैंकिंग ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा रखते हैं, तो वे आराम से निवेश बनाए रख सकते हैं। भारत में क्रेडिट ग्रोथ 10–12% की दर से बढ़ने की संभावना है, जिससे बैंकिंग सेक्टर, खासकर एसबीआई जैसी बड़ी संस्था, लंबी अवधि में लाभान्वित हो सकती है। इस लिहाज से लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

वहीं, यदि कोई निवेशक थोड़ा सक्रिय (active) दृष्टिकोण अपनाना चाहता है, तो वह आंशिक मुनाफा वसूली की रणनीति अपना सकता है, जैसे कि 20 से 30% होल्डिंग बेचकर कैश सुरक्षित करना और फिर नीचे के स्तर (900 से 1000 रुपये) पर दोबारा एंट्री की योजना बनाना। हालांकि, इसमें जोखिम यह रहता है कि यदि स्टॉक बिना ज्यादा गिरावट के ही वापस ऊपर चला जाए, तो निवेशक मौका चूक सकता है।

एसबीआई की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत मानी जा रही है, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव और कंसोलिडेशन संभव है। इसलिए निवेशकों को अपने लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समय अवधि के अनुसार निर्णय लेना चाहिए या तो धैर्य के साथ निवेश बनाए रखें, या फिर आंशिक मुनाफा लेकर जोखिम कम करें।


(शेयर मंथन, 18 मार्च 2026)

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