शेयर मंथन में खोजें

नये रिकॉर्ड पर बाजार, ऊपर है खुला आसमान

राजीव रंजन झा : बाजार नये जोश के साथ नये रिकॉर्ड स्तरों पर है। सेंसेक्स ने अक्टूबर 2014 के अंतिम दिन 27,894 का नया उच्चतम स्तर छुआ है और निफ्टी ने भी 8,331 का नया रिकॉर्ड स्तर बनाया है।

संभव है कि आने वाले दिनों में बाजार लगातार निरंतर नये रिकॉर्ड बनाता चला जाये। बाजार ने जिस गति से छलाँगे लगाते हुए अक्टूबर के निचले स्तरों से वापसी करके ये रिकॉर्ड स्तर बनाये हैं, उसके बीच सोच पाना मुश्किल हो रहा है कि यह चाल कहाँ थम सकती है!

सहारों से सरकते सेंसेक्स के लिए निवेश मंथन के पिछले अंक में मैंने लिखा था, “संभव है कि सेंसेक्स अब इन्हीं स्तरों से सँभल जाये, या थोड़ा फिसले भी तो मई से अब तक की पट्टी की निचली रेखा पर 26,000 के पास सहारा ले ले।” उस समय सेंसेक्स 26,626 पर था। अक्टूबर में सेंसेक्स ने इस अनुमान के मुताबिक ही 26,000 के पास 25,911 पर सहारा लिया और वहाँ से पलट कर इसने अच्छी तेजी पकड़ ली। पिछले अंक में मेरा आकलन था कि 26,000 से निर्णायक ढंग से नीचे फिसल जाने पर 16 मई 2014 के ऐतिहासिक दिन से अब तक की ऊपरी चाल खतरे में पड़ जायेगी। मगर साथ ही मैंने लिखा था कि सेंसेक्स 8 सितंबर को बने उच्चतम स्तर 27,355 को पार करे तो ये आशंकाएँ बेमानी हो जायेंगी। अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। अब सेंसेक्स 28,000 के पास है। 

सेंसेक्स ने 17 अक्टूबर को 25,911 की तलहटी बनायी। इस दौरान सेंसेक्स ने 16 मई से अब तक की पट्टी को नीचे की ओर जरा काटा भी, लेकिन छकाते हुए वापस इस पट्टी के अंदर लौट आया। वहाँ से इसने ऐसी तेजी पकड़ी, कि सीधे इस पट्टी के ऊपरी छोर पर आ गया है। छकाने का यह काम सेंसेक्स ने सितंबर में भी किया था, जब इसने पट्टी के ऊपरी छोर को ऊपर की ओर तोड़ा था, लेकिन तुरंत इस पट्टी के अंदर लौट आया था। अब 31 अक्टूबर को सेंसेक्स 27,866 पर बंद हुआ है और इस पट्टी का ऊपरी छोर भी लगभग वहीं पर है। 

अगर निफ्टी पर निगाह डालें, तो वहाँ भी कुछ ऐसी ही तस्वीर बनी। निफ्टी 16 मई से अब तक की अपनी पट्टी की निचली रेखा काट कर 17 अक्टूबर को 7,724 तक फिसला। वहाँ से पलट कर यह सारी बाधाओं को तोड़ते-फोड़ते 8,300 के ऊपर नये उच्चतम स्तर पर नजर आ रहा है। लेकिन निफ्टी के लिए भी इस पट्टी की ऊपरी रेखा लगभग इसी जगह है। 

ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या सेंसेक्स और निफ्टी एक बार फिर जुलाई की तरह अपनी पट्टी की ऊपरी रेखा पर अटक जायेंगे, या सितंबर की तरह इस रेखा से थोड़ा ऊपर जा कर छकाने के बाद वापस नीचे इस पट्टी के अंदर लौट आयेंगे या पक्के तौर पर इस पट्टी से ऊपर निकलते हुए नये उच्चतम स्तरों का आसमान छूने की ओर बढ़ जायेंगे?

अगर हम अगस्त-सितंबर के दौरान आयी उछाल की बराबरी के स्तर को अगला स्वाभाविक लक्ष्य मानें, तो यह नजर आता है कि 28,000 के पास सेंसेक्स के पहुँचने पर सावधान हो जाना चाहिए। सेंसेक्स ने 8 अगस्त 2014 की तलहटी 25,233 से 8 सितंबर 2014 के शिखर 27,355 तक 2,122 अंकों की उछाल दर्ज की थी। अगर हम 17 अक्टूबर की तलहटी 25,911 से 2,122 अंकों की उछाल की बराबरी देखें, तो 28,030 के पास का लक्ष्य मिलता है। इसलिए हमें इस संभावना पर नजर रखनी होगी कि कहीं सेंसेक्स 28,000 के आसपास ही अटक न जाये। लेकिन अगर यह 28,000 को भी अच्छे से पार कर ले, तो फिर इस संरचना में 138.2% विस्तार यानी लगभग 28,850 और फिर 161.2% विस्तार यानी 29,341 के अगले स्वाभाविक लक्ष्य बनेंगे। तो क्या सेंसेक्स आगामी बजट से पहले इन लक्ष्यों को छू सकेगा? आखिर 29,341 का लक्ष्य मौजूदा स्तर से करीब 5% ऊपर ही तो है। 

मगर 28,000 के पास या इससे थोड़ा ऊपर सावधान रहने की जरूरत सेंसेक्स के मासिक चार्ट पर भी नजर आ रही है। यहाँ हमें जरा ज्यादा लंबी अवधि के चार्ट को देखना है। मार्च 2009 में सेंसेक्स ने 8047 की तलहटी के बाद नवंबर 2010 में 21,109 का शिखर बनाया और फिर दिसंबर 2011 में 15,136 की तलहटी बनायी। इस संरचना के विस्तार को देखें 100% विस्तार 28,200 के पास आता है। यानी 28,200 के पास पहुँच कर सेंसेक्स में दिसंबर 2011 की तलहटी से उतनी ही बड़ी उछाल पूरी हो जायेगी, जितनी बड़ी उछाल मार्च 2009 की तलहटी से नवंबर 2010 के शिखर तक की थी। सेंसेक्स के मासिक चार्ट पर यह एक बड़ा लक्ष्य है, जिसके पूरा होने पर बाजार के जरा थम जाने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है। 

अगर निफ्टी का मासिक चार्ट देखें तो इसने मार्च 2009 में 2,539 की तलहटी से नवंबर 2010 में 6,339 का शिखर तक की उछाल के बाद दिसंबर 2011 में 4,531 तक की गिरावट दर्ज की थी। इस उतार-चढ़ाव का 100% विस्तार 8,330 के पास आता है, यानी बिल्कुल उसी जगह जहाँ 31 अक्टूबर 2014 को नया उच्चतम स्तर बना है। इस तरह अक्टूबर के अंत में निफ्टी ने मार्च 2009 से अब तक की बड़ी संरचना का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य पूरा किया है। 

आम तौर पर बड़े लक्ष्य पूरे होने के बाद बाजार जरा रुकता है। लेकिन अगर यह नहीं रुका और इससे भी आगे बढ़ चला तो? तो इसका सीधा मतलब यह होगा कि आगे और ज्यादा चौंकाने वाले काफी बड़े लक्ष्य सामने हैं। सेंसेक्स के मासिक चार्ट पर 28,200 से आगे बढ़ने पर जो पहला बड़ा लक्ष्य दिखता है, वह 33,000 से ऊपर का है, और उसके बाद 36,000 से ऊपर का। निफ्टी का मासिक चार्ट बता रहा है कि मौजूदा स्तरों से और ऊपर की ओर निकल चलने पर इसके अगले बड़े पड़ाव करीब 9,800 और 10,700 के पास हैं। 

अगर बाजार इन स्तरों पर या जरा आगे जा कर छकाने के बाद वापस पलट जाये और बाधाओं का सम्मान करने लगे तो वह आगे क्या करेगा? अगर सेंसेक्स और निफ्टी 16 मई से अब तक की पट्टी के अंदर अटके रह गये तो यह संभावना उठ खड़ी होगी कि वे इस पट्टी की निचली रेखा को फिर से छूने के लिए नीचे की राह पकड़ लें। सेंसेक्स की पट्टी में यह निचली रेखा अभी 26,500 के पास है और नवंबर के अंत में 27,000 से कुछ नीचे होगी। निफ्टी की पट्टी में निचली रेखा अभी 7900 के पास है और नवंबर के अंत तक चढ़ कर 8050 के पास चली जायेगी। 

मतलब यह है कि मौजूदा स्तरों पर या इसके कुछ ऊपर जा कर अटक जाने पर भी बाजार में किसी बड़ी गिरावट का खतरा नहीं बनेगा। ऐसा कोई खतरा तभी बनेगा, जब सेंसेक्स और निफ्टी अपनी इस पट्टी के भी नीचे चले जायें, लेकिन वह बहुत दूर की बात है। वैसी स्थिति बनने की आशंका एक महीने पहले लग रही थी, लेकिन बाजार उससे उबर गया। इसलिए फिलहाल यह मान कर चलना चाहिए कि ऊपर की ओर काफी बड़ी संभावनाएँ खुली हुई हैं, जबकि अटक जाने या गिरने पर गिरावट सीमित ही रहेगी। यदि प्रतिशत के लिहाज से देखें तो 5-7% से ज्यादा बड़ी गिरावट आने का जोखिम नहीं लग रहा। इतना जोखिम तो शेयर बाजार में कभी भी मौजूद रहता है और निवेशक को ऐसे जोखिम के साथ ही चलना पड़ता है। Rajeev Ranjan Jha

(शेयर मंथन, 03 नवंबर 2014)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख