शेयर मंथन में खोजें

इन्वेस्को फंड ज़ी एंटरटेनमेंट में 7.8 फीसदी तक हिस्सा बेचेगी

इन्वेस्टमेंट कंपनी इन्वेस्को फंड ज़ी एंटरटेनमेंट में 7.8 फीसदी तक हिस्सा बेचेगी।

इस हिस्सा बिक्री में डेवलपिंग मार्केट्स इन्वेस्टमेंट टीम की ओर से प्रबंध किए जाने वाले तीन फंड्स जिसमें इन्वेस्को डेवलपिंग मार्केट्स फंड भी शामिल है। इन्वेस्को फंड ज़ी एंटरटेनमेंट के 7.8 फीसदी तक के शेयर कैपिटल का हिस्सा बेचेगी। हिस्सा बिक्री की यह प्रक्रिया टीम की ओर से मैनेज किए जा रहे दूसरे फंड्स के साथ श्रेणीबद्ध करने के मकसद से की जा रही है। इन्वेस्को फंड इस प्रस्तावित हिस्सा बिक्री के बाद भी ज़ी एंटरटेनमेंट में सबसे बड़ा हिस्सेदार बना रहेगा। इस हिस्सा बिक्री के लिए इन्वेस्को फंड ने बुकबिल्ड ट्रांजैक्शन तैयार किया है। आपको बता दें कि बुकबिल्ड ट्रांजैक्शन का मकसद फंड मैनेजर्स की ओर से बिक्री किए जाने वाले शेयर के लिए बोली मंगाना है।
पिछले महीने ही इन्वेस्को फंड ने बयान जारी कर कहा था कि वह ज़ी एंटरटेनमेंट के सोनी के साथ सौदे का समर्थन करता है। साथ ही इन्वेस्को फंड ने ज़ी एंटरटेनमेंट के प्रबंध निदेशक पुनीत गोयनका सहित दो निदेशकों को हटाने के लिए ईजीएम (EGM) बुलाने की मांग को टाल दिया है। इसके अलावा इन्वेस्को फंड ने ने कहा था कि मौजूदा स्वरुप में ज़ी एंटरटेनमेंट का सोनी के साथ सौदा शेयरधारकों के लिए काफी संभावनाओं वाला है। साथ ही इन्वेस्को फंड ने कहा कि अगर सौदा मौजूदा स्वरुप में नहीं होता है तो उसके पास दोबारा ईजीएम (EGM) बुलाने का अधिकार है।
पिछले साल दिसंबर में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया लिमिटेड और ज़ी एंटरटेनमेंट के साथ मर्जर को लेकर समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत दोनों कंपनियों को एक तय समय के अंदर सौदे को पूरा करना था। (शेयर मंथन, 06 अप्रैल 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख