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अगली तेजी के लिए पोर्टफोलिओ बनायें

nitesh chandनितेश चंद, रिसर्च प्रमुख, साइक्स ऐंड रे इक्विटीज

निफ्टी ने 7,500 के स्तर पर एक ऊपरी आधार (बेस) बनाया है। कुछ समय तक ठहराव (कंसोलिडेशन) के बाद तेजी का अगला दौर शुरू हो सकता है। लंबी अवधि की अगली तेजी का लाभ उठाने के लिए अभी पोर्टफोलिओ बनाना चाहिए।

अगली तेजी में कई मँझोले शेयर दिग्गज शेयरों में बदल सकते हैं, जबकि कई छोटे शेयर मँझोले शेयरों की गिनती में आ जायेंगे। भारतीय बाजार में एफआईआई की बिकवाली अभी मुख्य चिंता है। वहीं सकारात्मक बात यह है कि खुदरा निवेशकों का लंबी अवधि का निवेश बाजार में म्यूचुअल फंडों की एसआईपी के जरिये आ रहा है। (शेयर मंथन, 08 जनवरी 2016)

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    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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