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लाभ के आँकड़े जल्द बढऩे जरूरी

t s harihar icici secटी. एस. हरिहर, सीईओ, एचआरबीवी क्लाएंट सॉल्यूशंस

उच्च जीडीपी वृद्धि दर के परिप्रेक्ष्य में भारत वैश्विक बाजारों को पछाडऩा जारी रखेगा। हालाँकि प्रीमियम मूल्यांकन बरकरार रखने के लिए कॉर्पोरेट लाभ के आँकड़ों में जल्द सुधार आने की जरूरत होगी।

नये साल के लिए घरेलू संस्थागत निवेश में वृद्धि, कच्चे तेल की निचली कीमतें और क्षमता में कमी सकारात्मक बातें हैं। लाभ में वृद्धि, एफपीआई निवेश और चीन की मंदी चिंता की वजहें हैं। (शेयर मंथन, 08 जनवरी, 2016)

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    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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