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आय वृद्धि 2016-17 की दूसरी छमाही से

anand tandonआनंद टंडन, निदेशक, ग्रिफन एडवाइजर्स
आने वाले समय में सूचकांक नकारात्मक रुझान के साथ एक दायरे में रहेगा। जब थोक महँगाई फिर से बढऩी शुरू होगी, उसके बाद आर्थिक वृद्धि फिर से दिखनी शुरू हो सकती है। कंपनियों की आय में वृद्धि कुछ बाद में आयेगी और अगले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में नजर आने लगेगी। मेक इन इंडिया का असर बाजार के लिए सकारात्मक होगा। वहीं विदेशी निवेश प्रवाह में धीमापन नकारात्मक असर डालेगा। फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें अगर जल्दी-जल्दी बढ़ीं तो यह हमारे लिए नकारात्मक होगा। (शेयर मंथन, 08 जनवरी, 2016)

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    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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