शेयर मंथन में खोजें

एचडीएफसी (HDFC) लाइफ का एक्साइड लाइफ के साथ मर्जर (विलय) पूरा

इंश्योरेंस रेगुलेटर (बीमा नियामक) यानी आईआरडीएआई (IRDAI) से अंतिम मंजूरी मिलने के साथ ही एचडीएफसी (HDFC) लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) ने एक्साइड लाइफ के साथ मर्जर (विलय) पूरा होने का ऐलान किया है।

 एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में यह पहला विलय और अधिग्रहण पूरा होने का मामला है। एचडीएफसी लाइफ ने एक्साइड लाइफ का जनवरी 2022 में अधिग्रहण पूरा किया था। एचडीएफसी लाइफ ने सितंबर 2021 में अधिग्रहण का ऐलान किया था जो जनवरी 2022 में पूरा हुआ। एक्साइड लाइफ का अधिग्रहण 14 महीनों से कम में पूरा हुआ।

विलय के बाद दोनों कंपनियों से ग्राहकों को बड़े दायरे में उत्पादों के विकल्प मिलेंगे। साथ ही साथ सर्विस टच प्वाइंट्स की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। कंपनी के मुताबिक विलय पूरा होने के बाद डिस्ट्रीब्यूटर्स (वितरक) को बड़े स्तर पर और मजबूत संगठन के साथ पूरक कारोबारी मॉडल का फायदा मिलेगा। साथ ही बड़े स्तर पर भौगोलिक उपस्थिति और मजबूत कारोबारी व्यवहार का भी फायदा मिलेगा। विलय के बाद एचडीएफसी लाइफ के एजेंसी चैनल और भौगोलिक उपस्थिति को टियर-II और टियर-III बाजार में बढ़ोतरी करने पर फोकस मिलेगा।

मौजूदा साल के जनवरी में एचडीएफसी लाइफ ने एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में 100 फीसदी हिस्से का अधिग्रहण किया है। कंपनी ने यह अधिग्रहण पैरेंट कंपनी एक्साइड इंडस्ट्रीज से 6,687 करोड़ रुपये में खरीदा है। कंपनी की इस अधिग्रहण के जरिये दक्षिण भारत बाजार में मौजूदगी मजबूत करने की योजना है। लाइफ इंश्योरेंस कारोबार एचडीएफसी लाइफ को बेचने के बाद एक्साइड इंडस्ट्रीज ने कंपनी 4.12 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। पिछले महीने ही कंपनी को एनसीएलटी (NCLT) मुंबई से एक्साइड लाइफ के कंपनी में विलय को मंजूरी मिली थी।

 

(शेयर मंथन, 16 अक्टूबर 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख