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बायोकॉन का जापानी कंपनी के साथ लाइसेंसिंग करार का ऐलान

बायोकॉन बायोलॉजिक्स ने सोमवार को जानकारी दी कि कंपनी ने जापान की कंपनी Yoshindo (योशिंदो) के साथ लाइसेंसिंग करार का ऐलान किया है। 

इस करार के तहत कंपनी ने अपने दो उत्पादों की बिक्री का लाइसेंस जापान की कंपनी को दिया है। इस लाइसेंसिंग करार के तहत योशिंदो दो बायोसिमिलर एसेट्स (उत्पादों) की बिक्री जापान के बाजार में कर सकेगी। यह दो दवाएं Ustekinumab और Denosumab हैं। इन दोनों दवाओं को बायोकॉन बायोलॉजिक्स ने विकसित की है और इसका उत्पादन भी करती थी। इस दवा का जापान में सालाना कारोबार 70 करोड़ डॉलर का है। आपको बता दें कि बायोकॉन बायोलॉजिक्स बायोकॉन की सब्सिडियरी है। इसके बदले में कंपनी को लाइसेंस फी के बदले अग्रिम भुगतान होगा।

इसके अलावा अगले कुछ सालों में बिक्री के मोर्चे पर कुछ खास लक्ष्य हासिल करने पर अतिरिक्क भुगतान करना पड़ेगा। Ustekinumab बायोसिमिलर एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है जिसका इस्तेमाल कई तरह के ऑटो इम्यून बीमारी के इलाज में किया जाता है। इसमें सोरियासिस, कोलाइटिस, प्लेक सोरियासिस और जोड़ों के दर्द शामिल हैं। Denosumab एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है जिसका इस्तेमाल ओस्टियोपोरोसिस (हड्डियों के क्षरण) के इलाज में किया जाता है। इसका फायदा इम्यूनोलॉजी थेरैपी के इलाज करा रहे मरीजों को होगा।
कंपनी बायोसिमिलर के 20 उत्पादों को विकसित कर रही है। इन दवाओं को कंपनी या तो स्वतंत्र तौर पर या रणनीतिक साझेदारी के तहत कर रही है। बायोकॉन बायोलॉजिक्स भारत की ओर से पहली कंपनी है जो जापान में बायोसिमिलर की बिक्री कर रही है। कंपनी ने 2016 में दूसरे साझीदार के साथ जापान में इंसूलिन की दवा जापान के बाजार में सफलतापूर्वक उतारी थी।

(शेयर मंथन,17 अक्टूबर 2022)

 

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