शेयर मंथन में खोजें

सिरका पेन्ट्स इंडिया का ओआईकेओएस (OIKOS) के साथ एक्सक्लूसिव करार

सिरका पेन्ट्स इंडिया लिमिटेड यानी एसपीआईएल (SPIL) ने तय शर्तों के साथ ओआईकेओएस (“OIKOS”) के साथ एक्सक्लूसिव करार का ऐलान किया है। आपको बता दें कि OIKOS इटली की एक नामी पेन्ट कंपनी है जो डेकोरेटिव और सॉलिड कलर का कारोबार करती है।

 सिरका पेन्ट्स ने यह एक्सक्लूसिव डिस्ट्रीब्यूशन (वितरण) करार भारतीय बाजार के लिए किया है। करार के तहत यह प्रावधान है कि भविष्य में इसका उत्पादन भारत में किया जाएगा। कंपनी तुरंत ही OIKOS की मार्केटिंग और वितरण का काम भारत में अपने 2400 से ज्यादा विस्तृत और बढ़ते वितरण नेटवर्क के जरिए शुरू करेगी। OIKOS के उत्पादों में मुख्य रुप से डेकोरेटिव सरफेस कोटिंग, टेक्सचर्ड पेन्ट्स आंतरिक और बाहरी दिवारों पर पेन्ट्स शामिल हैं। इसमें एमडीएफ (MDF) एचडीएफ (HDF) और जिप्सम शामिल हैं। तकनीकी तौर पर बेहतरीन उत्पादों में कई सुविधाएं हैं जिसमें वाटर रिपेलेंट, वायुमंडलीय प्रदूषण, खरोच से बचाव आसानी से साफ होना शामिल है। साथ हीं फफूंद और दूसरे कीटाणुओं से बचाव की सुविधा भी मौजूद है। भारतीय बाजार में यह उत्पाद प्रीमियम और लग्जरी प्राइस प्वाइंट्स पर उपलब्ध होंगे।

कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजय अग्रवाल ने करार के मौके पर कहा कि, कंपनी ने अन्तरराष्ट्रीय ब्रांड के साथ एक महत्वपूर्ण और एक्सक्लूसिव करार किया है। कंपनी के लिए यह बहुत ही गर्व का क्षण है। भारतीय ग्राहकों में पर्यावरण के अनुकूल पेन्ट्स की मांग बढ़ी है। इन उत्पादों में टॉक्सिक पदार्थ मौजूद नहीं रहते हैं। इस पेन्ट्स के इस्तेमाल से माहौल बेहतर रहता है। ओआईकेओएस का गठन 1984 में हुआ था। कंपनी का हमेशा से अनुसंधान और इनोवेशन पर फोकस रहता है ताकि नए और एक्सक्लूसिव उत्पादों का निर्माण जारी रह सके।

 

(शेयर मंथन, 4 अप्रैल, 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख