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पहली तिमाही में कोल इंडिया का मुनाफा 10% गिरा

सरकारी स्तर पर विश्व की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया ने पहली तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा कंसोलिडेटेड आधार पर 10% गिरा है। कोल इंडिया का मुनाफा 8833 करोड़ रुपये से घटकर 7971 करोड़ रुपये पर आ गया है।

 वहीं आय में 3% की मामूली बढ़त देखने को मिली है। आय 35092 करोड़ रुपये से बढ़कर 35983 रहा है। कंपनी के कामकाजी मुनाफे में 14 फीसदी की गिरावट आई है। कामकाजी मुनाफा 12251 करोड़ रुपये से घटकर 10513 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया है। वहीं मार्जिन 35% से गिरकर 29.2% के स्तर पर आ गया है। कर्मचारियों की बेहतरी के लिए खर्च की गई रकम 10073 करोड़ रुपये से बढ़कर 12027 करोड़ रुपये हो गई है। वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में वेज में संशोधन के कारण कंपनी पर 5870 करोड़ रुपये का असर पड़ा था। 

वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट (FSA) के तहत 1539 रुपये प्रति टन का रियलाइजेशन रहा है, वहीं वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में यह 1550 रुपये प्रति टन रहा था। वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में 1443 रुपये प्रति टन रियलाइजेशन रहा है। जहां तक ई-ऑक्शन के जरिए रियलाइजेशन का सवाल है तो वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में यह 3471 रुपये प्रति टन रहा जबकि वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में यह 4526 रुपये प्रति टन दर्ज हुआ है। सालाना आधार पर फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट में 7% की वृद्धि हुई है वहीं ई-ऑक्शन के रियलाइजेशन में 20% की गिरावट आई है। कोल इंडिया का शेयर बीएसई (BSE) पर 1.93% चढ़ कर 234.70 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। 

(शेयर मंथन, 9 अगस्त 2023)

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