शेयर मंथन में खोजें

यूको बैंक के कुल कारोबार में 9.62% की बढ़ोतरी

यूको बैंक ने सोमवार यानी 8 अप्रैल को चौथी तिमाही के कारोबारी अपडेट जारी किए हैं। कंपनी ने कुल कारोबार, एडवांसेज या जमा सभी सेगमेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है। यही नहीं बैंक के कासा रेश्यो में भी सुधार देखने को मिला है।

 बैंक का कुल कारोबार तिमाही आधार पर 4.35 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 4.50 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वहीं सालाना आधार पर यह 4.11 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 4.50 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा है। बैंक के कुल कारोबार में सालाना आधार पर 9.62 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं बैंक का कुल एडवांसेज 15.92 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ सालाना आधार पर 1.62 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.87 लाख करोड़ रुपये हो गया है। पिछली तिमाही में कुल एडवांस 1.79 लाख करोड़ रुपये था। बैंक का कुल जमा 5.53 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 2.49 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2.63 लाख करोड़ रुपये हो गया है। बैंक के घरेलू एडवांस में सालाना आधार पर 16.62 फीसदी की वृद्धि हुई है और यह 1.39 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.63 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं घरेलू जमा में भी 3.83 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यह 2.41 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2.50 लाख करोड़ रुपये हो गया है। तिमाही आधार पर घरेलू कासा (CASA) रेश्यो 39.25 फीसदी से घटकर 37.82 फीसदी हो गया है। तिमाही आधार पर नकजी जमा रेश्यो 71.20 फीसदी से घटकर 64.82 फीसदी हो गया है। यूको बैंक का शेयर 0.81 फीसदी चढ़ कर 56.25 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ।

(शेयर मंथन, 9 अप्रैल 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख