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निवेशकों को आईटी शेयरों में क्या करना चाहिए? विशेषज्ञों से जानें निफ्टी आईटी की चाल

आईटी सेक्टर में इस समय कमजोरी साफ दिखाई दे रही है। हाल के आंकड़ों के अनुसार इसमें लगभग 61.1% तक गिरावट देखी गई है। हालांकि बीच-बीच में हल्की रिकवरी की कोशिशें भी हुई हैं।

क्या बाजार नई ऊंचाइयों को छुएगा या इसमें गिरावट की संभावना ज्यादा है? जानें एक्सपर्ट की राय

भारत में एफएनओ (F&O) बाजार की स्थिति को देखते हुए अगले हफ्ते होने वाली एक्सपायरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण स्तरों पर ध्यान देना जरूरी है। अभी तक जिन स्तरों की चर्चा की गई है, उनमें यह सवाल उठता है कि इन्हें कितना गंभीरता से लिया जाए।

सोने में निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए? विशेषज्ञ से जानें सोने में आगे क्या होगा

सोने और चांदी दोनों ही इस समय निवेशकों की नजर में हैं क्योंकि इनके चार्ट पर अहम स्तर बनते दिख रहे हैं। सोने की बात करें तो फिलहाल इसमें कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आ रहा है।

परसिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) में किस भाव से बदल सकता है पूरा परिदृश्य?

सुधीर जानना चाहते हैं कि उन्हें पर्सिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उनके पास पर्सिस्टेंट के 120 शेयर हैं, 4,284 रुपये का भाव है और उन्होंने इसे लंबी अवधि के नजरिये से लिया हुआ है।

बाजार रणनीति के आधार पर बैंक निफ्टी में निवेश कैसे करें? जानें विशेषज्ञ की राय

बाजार रणनीति की दृष्टि से निफ्टी बैंक इस समय क्रूशियल जोन में खड़ा है। चार्ट्स बता रहे हैं कि 8 अगस्त की कैंडल और उसके बाद बने पैटर्न भविष्य की दिशा तय करेंगे। जानें बाजार विश्लेषक की राय।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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