शेयर मंथन में खोजें

News

Budget 2025: रेलवे की झोली रही खाली तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को मिली सौगात, बाजार फिर भी रहा निराश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार (01 फरवरी) को लगातार 8वीं बार संसद में बजट पेश कर इतिहास रच दिया। उनकी घोषणाओं ने जहाँ रेलवे क्षेत्र को निराश किया, तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक झूमा। दोनों ही क्षेत्रों के प्रमुख शेयर बजटीय घोषणाओं के प्रभाव से ऊपर-नीचे हो गये। इसके अलावा बजट शेयर बाजार को कुछ खास पसंद नहीं आया और ये लाल निशान में चल गये।

आज से बदल जायेंगे ये 5 बड़े नियम, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज शनिवार (01 फरवरी) को संसद में बजट पेश करेंगी। बजट के पेश होने के बीच देश में 5 बड़े बदलाव भी आज से ही लागू हो जायेंगे। इन बदलावों का असर हर घर, हर जेब पर देखने को मिलेगा।

Economic Survey 2025: अर्थव्यवस्था में आगे भी रहेगी सुस्ती, आर्थिक समीक्षा की ये हैं 10 मुख्य बातें

संसद के बजट सत्र की आज शुक्रवार (31 शुक्रवार) से शुरुआत हो गयी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सत्र के पहले दिन आर्थिक समीक्षा पेश की। आर्थिक समीक्षा में बताया गया कि घरेलू अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर क्यों सुस्त पड़ी है। साथ ही आगे भी सुस्ती बरकरार रहने का अंदेशा व्यक्त किया गया।

निवेशक शिक्षा के नाम पर स्टॉक की सिफारिश नहीं कर सकते फिनफ्लुएंसर, सेबी ने लगायी रोक

सोशल मीडिया पर फिनफ्लुएंसरों की बाढ़ से साधारण निवेशकों को बचाने के लिए भारतीय बाजार नियामक एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) निरंतर मुस्तैद है। बाजार नियामक ने फिनफ्लुएंसर्स पर शिकंंजा कसते हुए बुधवार (29 जनवरी) को नये दिशा-निर्देश जारी किये हैं। इसके तहत सोशल मीडिया पर निवेशक शिक्षा के नाम पर फिनफ्लुएंसर स्टॉक टिप्स नहीं दे पायेंगे। 

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख