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Diwali Picks 2024: मोतीलाल ओसवाल ने बताये नये संवत में मुनाफा कमाने वाले ये स्टॉक

भारतीय शेयर बाजार ने संवत 2080 में नयी ऊँचाइयों को छुआ। निफ्टी 50 सितंबर 2024 में 26000 का स्तर पार कर 26277 के नये शिखर पहुँच गया। शीर्ष से 7% के सुधार के बावजूद निफ्टी ने इस संवत में अब तक (14 नवंबर 2023 से 24 अक्तूबर 2024 तक) 26% का प्रतिफल दिया है।

अब नये यूपीआई धारक जोड़ सकेगा Paytm, कंपनी को एनपीसीआई से मिली मंजूरी

ऑनलाइन भुगतान सेवा देने वाली कंपनी पेटीएम (One 97 Communications) के लिए राहत की खबर आयी है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने पेटीएम को नये यूपीआई इस्तेमालकर्ता (यूजर्स) जोड़ने की मंजूरी दे दी है। यह कंपनी के लिए बड़ी राहत की खबर है क्योंकि, यह पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक की कार्रवाई के बाद से रुका हुआ था।

आईएमएफ का अनुमान, 2024-25 में 7% की दर से आगे बढ़ेगी देश की अर्थव्यवस्था

अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक फंड (आईएमएफ) के मुताबिक वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बावजूद भारत 7% की दर से आगे बढ़ता रहेगा। आईएमएफ ने 2025 के लिए वैश्विक वृद्धि का अनुमान घटा दिया है, लेकिन भारत का जीडीपी अनुमान 7% पर कायम रखा है।

म्यूचुअल फंड उद्योग में 1 नवंबर से लागू हो जायेगा भेदिया कारोबार नियम

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंड को लेकर नियमों में बदलाव किया है। इस बार ये बदलाव म्यूचुअल फंड यूनिट के लिए भेदिया कारोबार (इनसाइडर ट्रेडिंग) के नियमों को लेकर है। सेबी ने अपने आदेश में कहा है कि म्यूचुअल फंड के लिए भेदिया कारोबार नियम 1 नवंबर से लागू होगा। ये नियम नवंबर 2022 में ही तय हो गये थे लेकिन उद्योग की तैयारी के बाद अब अमल में आये हैं।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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