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महँगाई नरम होकर 5.4% पर आयी, आवासीय कीमतें 13% की सीएजीआर से बढ़ीं

महँगाई, वस्‍तुओं और सेवाओं के साधारण मूल्‍य में धीरे-धीरे बढ़ोतरी ने समय के साथ मुद्रा की क्रय शक्‍त‍ि खत्‍म कर दी। एनारॉक के अध्‍ययन में पता चला है कि महँगाई के दबाव के बीच अपनी पूँजी का संचय और उसमें वृद्ध‍ि चाहने वाले निवेशकों के लिए रियल एस्‍टेट इस खतरनाक लेकिन अपरिहार्य डायनेमिक के विरुद्ध लोकप्रिय बचाव के रूप में उभरा है।

सेबी ने दी राहत, नॉमिनी नहीं देने वाले निवेशकों का खाता नहीं होगा फ्रीज

डीमैट खातों के जरिये शेयर बाजार में निवेश करने वाले और म्‍यूचुअल फंड निवेशकों को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विन‍िमय बोर्ड (सेबी) के आदेशानुसार अपने खातों में नॉमिनी की जानकारी देना अनिवार्य किया गया था। ऐसा नहीं करने पर खाते फ्रीज किये जा सकते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बाजार नियामक ने ताजा आदेश में निवेशकों को राहत प्रदान की है।

कोटक म्यूचुअल फंड ने पेश किया कोटक स्पेशल अपॉर्चुनिटीज फंड

कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (KMAMC) के कोटक म्यूचुअल फंड ने सोमवार (10 जून) को कोटक स्पेशल अपॉर्चुनिटीज फंड के लॉन्च की घोषणा की है। यह एक ओपन एंडेड इक्‍व‍िटी स्‍कीम है, जो विशेष हालात की थीम पर आधारित है। इस योजना के लिए अभ‍िदान 10 जून यानी आज से शुरू हो चुका है और 24 जून, 2024 तक इसमें निवेश कर सकते हैं।

आरबीआई ने जारी किया FY24 का सालाना रिपोर्ट, फ्रॉड के मामले बढ़े, लेकिन रकम में कमी आई

भारतीय रिजर्व बैंक ने FY24 का सालाना रिपोर्ट जारी किया है। FY24 में आरबीआई के बैलेंस शीट में 11.1% की बढ़ोतरी देखने को मिली है, वहीं RBI के खर्चों में 56.3% की कमी आई है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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