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निवेशकों को स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के साथ क्या करना चाहिए, जानिए एक्सपर्ट की राय

निवेशकों को स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के साथ क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

 बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि शेयर बाज़ार में उतार-चढ़ाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। यह किसी प्रोडक्ट या सेक्टर की “कमज़ोरी” नहीं, बल्कि उसके व्यवहार का हिस्सा है। समझदार निवेशक वही होता है जो इन परिवर्तनों से घबराता नहीं, बल्कि उनसे सीखकर अपनी रणनीति तैयार करता है। जैसा कहा जाता है जब पूरी दुनिया सो रही हो, तब सबसे ज्यादा सजग रहो। यही बात निवेश के लिए भी सही बैठती है। फिलहाल भारत की स्थिति मजबूत दिख रही है। न तो कोई ऐसा संकेत है और न ही कोई ठोस डेटा जो यह बताए कि भारत की जीडीपी 6% से नीचे जा सकती है। आर्थिक गतिविधियाँ, कॉर्पोरेट कमाई और नीतिगत रुख  सभी 6% से 6.5% की स्थिर वृद्धि के संकेत दे रहे हैं। इसलिए, मौजूदा बाजार में जो अस्थिरता या हल्की गिरावट है, वह वास्तव में दीर्घकालिक निवेशकों के लिए “बेस बिल्डिंग” यानी मजबूत नींव का अवसर है।


(शेयर मंथन, 13 अक्टूबर 2025)

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