शेयर मंथन में खोजें

वित्त मंत्री द्वारा की गयी घोषणाओं के सहारे बाजार में तेज शुरुआत

कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को बाजार में अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है।

बीते शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए कई घोषणाएँ की गयीं, जिनका बाजार पर सकारात्मक असर पड़ रहा है। इन घोषणाओं में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (Foreign Portfolio Investors) या एफपीआई पर लगाये गये सरचार्ज को वापस लेना, पूँजी बाजार में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए दीर्घकालिक और अल्पकालिक पूँजीगत लाभ पर लगाये गये अतिरिक्त सरचार्ज को हटाना, घरेलू निवेशकों को भी बढ़े हुए कर से राहत, 31 मार्च 2020 तक खरीदे गये बीएस-IV वाहन पंजीकरण की पूरी अवधि के लिए चालू रखना, सरकारी दफ्तरों को नये वाहन खरीदने की मंजूरी और सरकारी बैंकों को तुरंत 70,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता शामिल है।
बीएसई सेंसेक्स (Sensex) 36,701.16 के पिछले बंद स्तर की तुलना में बढ़ोतरी के साथ 37,363.95 पर खुला। 9.20 बजे के करीब सेंसेक्स 323.71 अंकों या 0.88% की बढ़ोतरी के साथ 37,024.87 पर है। वहीं एनएसई का निफ्टी (Nifty) 10,829.35 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 11,000.30 पर खुल कर 85.05 अंकों या 0.79% की वृद्धि के साथ 10,914.40 पर है।
दूसरी तरफ छोटे-मॅंझोले सूचकांकों में भी मजबूती है। बीएसई मिडकैप में 0.98% और बीएसई स्मॉलकैप में 1.18% की वृद्धि है। वहीं निफ्टी मिड 100 में 0.92% और निफ्टी स्मॉल 100 में 1.30% की वृद्धि है। इस समय निफ्टी के प्रमुख 50 में से 35 शेयर और सेंसेक्स के प्रमुख 31 शेयरों में से 21 शेयर मजबूत स्थिति में हैं। (शेयर मंथन, 26 अगस्त 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख