शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार निवेशकों की नयी लहर में उत्तर भारत आगे

परंपरागत रूप से शेयर बाजार (Stock Markets) में महाराष्ट्र और गुजरात जैसे पश्चिमी राज्यों का बोलबाला रहा है।

पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की ओर से जारी ताजा आँकड़ों से साफ होता है कि शेयर बाजार में आ रहे नये निवेशकों में उत्तर भारत की हिस्सेदारी सबसे अधिक हो गयी है। प्रस्तुत है इस नये रुझान की मुख्य बातों के पंचसूत्र :
1. 2021-22 के पहले चार महीनों में एनएसई में पंजीकृत होने वाले नये निवेशकों (New Investor Registrations) की संख्या 50 लाख पार कर गयी, अप्रैल से जुलाई 2021 (25 जुलाई तक) कुल 51.3 लाख पंजीकरण हुए।
2. अप्रैल-जुलाई 2019 में 8.5 लाख और अप्रैल-जुलाई 2020 में एनएसई में 20 लाख नये निवेशकों का पंजीकरण हुआ था।
3. 36% नये निवेशक उत्तर भारतीय राज्यों से, पश्चिमी राज्यों की हिस्सेदारी 30%, दक्षिण भारत की हिस्सेदारी 22% और पूर्वी भारतीय राज्यों की हिस्सेदारी 12% रही।
4. 53% नये निवेशक शीर्ष पाँच राज्यों के बाहर से हैं।
5. एनएसई के कुल पंजीकृत निवेशकों की संख्या 4.5 करोड़ से ऊपर पहुँच गयी है।
(शेयर मंथन, 29 जुलाई 2021)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख