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मंगलवार के लिए राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) के चुनिंदा शेयर

rajesh agarwal cd equisearcओम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने मंगलवार के एकदिनी कारोबार के लिए आईटीसी (ITC), जय कॉर्प (Jai Corp), टाटा मोटर्स (Tata Motors), बायोकॉन (Biocon) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।

 

सोमवार के लिए राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) के चुनिंदा शेयर

rajesh agarwal cd equisearcओम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने सोमवार 05 फरवरी के एकदिनी कारोबार के लिए बलरामपुर चीनी (Balrampur Chin), ग्लेनमार्क फार्मा (Glenmark Pharma) के शेयर खरीदने और टीवी 18 (TV18), अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises), हिंडाल्को (Hindalco) के शेयर बेचने की सलाह दी है।

शुक्रवार के लिए राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) के चुनिंदा शेयर

rajesh agarwal cd equisearcओम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने शुक्रवार के एकदिनी कारोबार के लिए महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra), आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल (ICICI Prudential), यूनाइटेड ब्रेवरीज (United Breweries), सीएंट (CEAT) और जेट एयरवेज (Jet Airways) के शेयर खरीदने की सलाह दी है। 

 

गुरुवार के लिए राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) के चुनिंदा शेयर

rajesh agarwal cd equisearcओम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने गुरुवार 01 फरवरी के एकदिनी कारोबार के लिए राष्ट्रीय केमिकल्स (Rashtriya Chemicals), पिडिलाइट (Pidilite), मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal), नेशनल फर्टिलाइजर्स (National Fertilizers) और नोसिल (NOCIL) के शेयर खरीदने की सलाह दी है। 

 

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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