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9% की छलांग के बाद क्या फेडरल बैंक अब भी खरीदने लायक है?

फेडरल बैंक (Federal Bank) के हालिया तिमाही नतीजे वाकई काफी मजबूत रहे हैं और बाजार की प्रतिक्रिया भी उसी के अनुरूप देखने को मिली। 

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार कहते है कि नतीजों के बाद शेयर में लगभग 9% की तेज उछाल यह बताती है कि निवेशकों ने बैंक के प्रदर्शन को सकारात्मक रूप में लिया है। छोटे और मझोले बैंकों के नतीजे जिस तरह से आना शुरू हुए हैं, उसमें फेडरल बैंक का प्रदर्शन सबसे बेहतर उदाहरणों में से एक माना जा सकता है। आय, एसेट क्वालिटी और ऑपरेशनल मैट्रिक्स के मोर्चे पर किसी तरह की बड़ी कमजोरी नजर नहीं आती, और कुल मिलाकर रिजल्ट “बहुत अच्छा” कहा जा सकता है। 

हालांकि, मजबूत नतीजों के बावजूद फेडरल बैंक को लेकर एक अहम चिंता वैल्यूएशन की है। मौजूदा स्तरों पर बैंक का शेयर जिस वैल्यूएशन को एंजॉय कर रहा है, वह अब काफ़ी हद तक स्ट्रेस्ड ज़ोन में पहुंच चुका है। दूसरे शब्दों में कहें तो, बैंक से जुड़ी ज्यादातर पॉजिटिव बातें पहले ही शेयर की कीमत में शामिल हो चुकी हैं। यही वजह है कि भले ही नतीजे अच्छे हों, आगे से इसमें बहुत तेज़ अपसाइड की उम्मीद करना थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है।

यह समझना जरूरी है कि अच्छे रिजल्ट्स का मतलब यह नहीं होता कि शेयर लगातार उसी रफ्तार से ऊपर ही जाता रहेगा। अक्सर निवेशक सिर्फ वही देखते हैं जो पहले से चल रहा होता है और यह सोचते हैं कि काश यह शेयर हमारे पास होता। लेकिन निवेश की दुनिया में यह सोच खतरनाक हो सकती है, क्योंकि हर समय वही स्टॉक पकड़कर बैठना जो पहले ही काफी ऊपर जा चुका है, आगे चलकर रिटर्न को सीमित कर सकता है।

इसलिए, फेडरल बैंक के नतीजों में कोई खास कमी नहीं है और बैंक की बुनियादी स्थिति मजबूत दिखती है, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन निवेश के नजरिए से एक डिटरेंट की तरह काम कर रहा है। ऐसे में निवेशकों के लिए यह ज्यादा समझदारी हो सकती है कि वे उन स्टॉक्स या बैंकों की ओर देखें जहां वैल्यूएशन अपेक्षाकृत बेहतर हो और आगे की ग्रोथ का स्पेस ज्यादा नजर आता हो।


(शेयर मंथन, 20 जनवरी 2026)

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