शेयर मंथन में खोजें

बाजार में आज ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली,निफ्टी 76 अंक, सेंसेक्स 379 अंक गिरकर बंद

साल के दूसरे कारोबारी दिन भी बाजार के लिए सुस्त संकेत देखने को मिले। ज्यादातर वैश्विक बाजारों में छुट्टी है।

जारी रह सकती है कमजोरी, 21500 के आसपास करें खरीदारी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक साल 2024 के पहले दिन सोमवार (01 जनवरी) को प्रमुख सूचकांक में उतार-चढ़ाव भरा सत्र देखने को मिला। फलस्वरूप निफ्टी में 11 अंकों की उछाल दर्ज की गयी, तो सेंसेक्स भी 32 अंक ऊपर बंद हुआ। 

आज भी सुस्ती में Gift Nifty, भारतीय बाजार में धीमा कारोबार रहने के आसार

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (02 जनवरी) को कारोबार की धीमी शुरुआत के आसार दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.20 बजे के आसपास 19.50 अंकों की नरमी नजर आ रही है और यह 0.09% के नुकसान के साथ 21,854.50 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

नए साल के पहले दिन बाजार में रिकॉर्ड स्तर पर मुनाफावसूली, बाजार मामूली बढ़त के साथ सपाट बंद

साल के पहले कारोबारी दिन बाजार के लिए सुस्त संकेत देखने को मिले। ज्यादातर वैश्विक बाजारों में आज नए साल के मौके पर छुट्टी है।

बाजार में खरीदारी का दबाव, मुनाफावसूली के लिए रहें तैंयार : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक साल 2023 के (26-29 दिसंबर 2023) के अंतिम  सप्ताह में प्रमुख सूचकांक में मजबूत अपट्रेंड जारी रहा और निफ्टी ने इस दौरान 1.77% की उछाल दर्ज की गयी, तो सेंसेक्स ने 1100 अंक जोड़े। 

Subcategories

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख