शेयर मंथन में खोजें

लाल निशान में Gift Nifty, भारतीय बाजार में सुस्ती के साथ कारोबार करने के संकेत

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के अंतिम दिन शुक्रवार (22 दिसंबर) को सुस्ती के साथ कारोबार की शुरुआत करने के आसार दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.20 बजे के आसपास 39 अंकों की नरमी नजर आ रही है और यह 0.18% की सुस्ती के साथ 21,381.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

निचले स्तर से शानदार सुधार के बाद बाजार दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद

वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजार में पिछले 9 दिनों से चली आ रही एकतरफा तेजी थम गई है। बड़े स्तर पर मुनाफावसूली से अमेरिकी बाजार दिन के निचले स्तरों पर बंद हुए।

बाजार में कमजोरी के संकेत, प्रमुख स्तरों के नीचे बढ़ेगी मुनाफावसूली : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक प्रमुख सूचकांक में बुधवार (20 दिसंबर) को रिकॉर्ड स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिली। इसकी वजह से निफ्टी 303 अंक, तो सेंसेक्स 931 अंकों के नुकसान के साथ बंद हुए।

Gift Nifty में उछाल, तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत कर सकते हैं भारतीय बाजार

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार (21 दिसंबर) को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत करने के आसार दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.20 बजे के आसपास 55 अंकों की उछाल नजर आ रही है और यह 0.26% की बढ़त के साथ 21,144.50 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

रिकॉर्ड स्तरों पर बाजार में तेज मुनाफावसूली, दिन के निचले स्तरों के पास बंद हुआ बाजार

वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजार में लगातार 9 दिनों से तेजी का रुख बना हुआ है। डाओ जोंस 250 अंक उछलकर नयी ऊंचाई पर बंद हुआ है।

Subcategories

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख