शेयर मंथन में खोजें

हरे निशान में Gift Nifty, भारतीय बाजार में आज भी तेजी के संकेत

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के अंतिम दिन शुक्रवार (28 जून) को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 19.50 अंकों की तेजी दिखायी दे रही है और ये 0.08% के अंतर के साथ 24,209.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

बाजार में रिकॉर्ड की हैट्रिक,सेंसेक्स 569, निफ्टी 175 अंक चढ़ कर रिकॉर्ड स्तर पर बंद

वैश्विक बाजारों से सुस्त संकेत देखने को मिले। अमेरिका में लगातार पांचवें दिन मिलाजुला कारोबार रहा। डाओ जोंस पर 275 अंकों के दायरे में कारोबार हुआ।

ऊपरी स्‍तरों पर आ सकती है मुनाफावसूली, बैंक निफ्टी में 53000 का स्‍तर पार करना अहम : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक बुधवार (26 जून) को निफ्टी में 147 अंक, जबकि सेंसेक्‍स में 620 अंकों की बढ़त के साथ बेंचमार्क सूचकांक में लगातार सकारात्‍मक गति जारी रही।

भारतीय बाजार में आज भी तेजी के साथ कारोबार के आसार, हरे निशान में Gift Nifty

भारतीय शेयर बाजार में साप्‍ताहिक निप्‍टान के दिन गुरुवार (27 जून) को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 11.00 अंकों की तेजी दिखायी दे रही है और ये 0.05% के अंतर के साथ 23,941.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

बाजार में लगातार दूसरे दिन बना रिकॉर्ड,सेंसेक्स, निफ्टी और बैंक निफ्टी रिकॉर्ड स्तर पर बंद

वैश्विक बाजारों से सुस्त संकेत देखने को मिले। अमेरिका में लगातार चौथे दिन मिलाजुला कारोबार रहा। डाओ जोंस की 5 दिनों की तेजी पर विराम लगता दिखा। डाओ जोंस 300 अंक लुढ़ककर बंद हुआ।

Subcategories

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख