शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

निफ्टी, टेक महींद्रा बेचें और टीवीएस मोटर्स, महिंद्रा फाइनेंशियल खरीदें : आईसीआईसीआई डायरेक्ट

icicidirectआईसीआईसीआई डायरेक्ट (ICICI Direct) ने सितंबर सीरीज के फ्यूचर में निफ्टी (Nifty), टेक महींद्रा (Tech Mahindra) को बेचने जबकि टीवीएस मोटर्स (TVS Motors) और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनेंशियल (M&M Financial) को खरीदने की सलाह दी है।

ब्रोकिंग फर्म ने आज मंगलवार  को अपनी रिपोर्ट में निफ्टी सितंबर फ्यूचर को 8915-8925 रुपये के बीच बेचने की सलाह दी है। इस सौदे में 8885.00/8865.00 के लक्ष्य रखने की सलाह है। घाटा काटने का स्तर (स्टॉप लॉस) 8940.00 बताया गया है। 
टेक महींद्रा सितंबर फ्यूचर को 456.00 रुपये से नीचे जाने पर इसे बेचने की सलाह है। इस सौदे का लक्ष्य 450.00/446.00 रुपये है, जबकि इसमें घाटा काटने का स्तर 460.00 रुपये बताया गया है।

टीवीएस मोटर्स  सितंबर फ्यूचर को 350.00 रुपये के भाव से ऊपर जाने पर खरीदें । इस सौदे का लक्ष्य 356.00/359.00 रुपये है, जबकि इसमें घाटा काटने का स्तर 347.00 रुपये बताया गया है।

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनेंशियल सितंबर फ्यूचर को 360.00 रुपये के ऊपर जाने पर खरीदने की सलाह है। इस सौदे में 366.00/369.00  रुपये के लक्ष्य रखने की सलाह है। इस सौदे में घाटा काटने का स्तर 356.80 रुपये रखने के लिए कहा गया है।

ध्यान रखें कि यह सलाह सितंबर फ्यूचर के कारोबार के लिए है।
स्पष्टीकरण: इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म या उसके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं
(शेयर मंथन, 23 सितंबर 2016)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख