शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

विशेषज्ञ से जानें टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन शेयरों में निवेशकों को क्या करना चाहिए?

जैन जानना चाहते हैं कि उन्हें टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

 बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि हाल ही में शेयर बाज़ार में कुछ कंपनियों के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिसने निवेशकों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। कई निवेशक फिलहाल नुकसान झेल रहे हैं और यह समझ नहीं पा रहे हैं कि इस स्थिति से कैसे बाहर निकला जाए। ऐसे में जरूरी है कि इन हलचलों को केवल भावनात्मक नजर से नहीं, बल्कि डेटा और ट्रेंड्स के आधार पर समझा जाए। मौजूदा उतार-चढ़ाव किसी मूलभूत विकास (Fundamental Development) का परिणाम नहीं बल्कि भावनात्मक और समाचार-आधारित प्रतिक्रियाओं का हिस्सा हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे घबराने के बजाय डेटा पर ध्यान दें, डिलीवरी वॉल्यूम की जांच करें और जल्दबाज़ी में निर्णय न लें। सही विश्लेषण और धैर्य के साथ लिया गया निर्णय ही उन्हें इस अस्थिरता के दौर में सुरक्षित रख सकता है।


(शेयर मंथन, 14 अक्टूबर 2025)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • अगले 6-12 महीनों में तेज वापसी की आशा - निवेश मंथन (जून 2026)

    बाजार में इस साल की शुरुआत में यह धारणा दिख रही थी कि 2025 खराब गया है, पर 2026 उससे बेहतर होगा। आधा साल बीतने के बाद यह तो स्पष्ट है कि भूराजनीति और ट्रंप ने तब बाजार को जितना डरा रखा था, उनका वास्तविक असर उससे काफी बुरा रहा। 

  • 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ फंड - निवेश मंथन (मई 2026)

    पिछले दो वित्त-वर्ष शेयर बाजार और उसके साथ ही इक्विटी केंद्रित म्यूचुअल फंडों के लिए भी आशा-निराशा के बीच झूलते रहने वाले साबित हुए हैं। इस उठापटक ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंडों के प्रतिफल (रिटर्न) को बुरी तरह चोट पहुँचायी है। इस लिहाज से 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले फंडों का चयन करना एक सहज अध्ययन नहीं है। 

देश मंथन के आलेख