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विशेषज्ञ से जानेंगे कि लंबी अवधि के लिए मल्टीबैगर शेयर की पहचान कैसे कर सकते हैं?

निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें मल्टीबैगर शेयरों की पहचान कैसे करें? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि क्या राय है? 

 बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि मल्टीबैगर की पहचान खरीदते समय नहीं, बल्कि उसके लगातार अच्छे प्रदर्शन से होती है। किसी स्टॉक को मल्टीबैगर बनाने की कुंजी सिर्फ किस्मत नहीं, बल्कि निवेशक का रिसर्च, धैर्य और साइकिल को पहचानने की क्षमता है। बाजार हमेशा एक प्राइमरी साइकिल में चलता है, जिसके बीच में कई इंटरमीडिएट साइकिल्स आते हैं। इन साइकिलों में बड़े उतार-चढ़ाव आते हैं  जो कमजोर निवेशक को बाहर कर देते हैं और धैर्यवान निवेशक को इनाम। इसलिए मल्टीबैगर की तलाश में भागिए मत। अच्छी कंपनियां चुनिए, 18% का कंपाउंड रिटर्न बनाए रखिए, और लंबा धैर्य रखिए। क्योंकि बाजार में अठन्नी का रुपैया तब बनता है जब आप भागते नहीं, ठहरते हैं। मल्टीबैगर कोई “मृगमरीचिका” नहीं है बल्कि समय, संयम और समझ का परिणाम है।


(शेयर मंथन, 05 नंवबर 2025)

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