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दो-तीन सालों के लिए एसीसी सीमेंट में निवेश करना कैसा रहेगा?

सुधीर जानना चाहते हैं कि उन्हें एसीसी सीमेंट (ACC Cement) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि सीमेंट सेक्टर को लेकर फिलहाल एक तरह की सुस्ती देखने को मिल रही है। वैल्यूएशंस बहुत ज्यादा गिरे नहीं हैं, लेकिन निवेशकों की दिलचस्पी भी फिलहाल कम दिख रही है। इसका कोई एक ठोस कारण पकड़ में नहीं आता, सिवाय इसके कि सेक्टर से अस्थायी तौर पर डिसइंटरेस्ट बना हुआ है। नतीजे आने के बाद भी शेयरों में दबाव बना रहा, जो बताता है कि बाजार अभी किसी ट्रिगर का इंतजार कर रहा है। जब यह इंटरेस्ट वापस आएगा, तो तस्वीर उलट भी सकती है।

जहाँ तक एसीसी और अल्ट्राटेक की तुलना का सवाल है, तो आंकड़ों में एक अजीब सा गैप जरूर दिखता है। अल्ट्राटेक की सेल्स एसीसी से करीब तीन गुना हैं, लेकिन मार्केट कैप लगभग दस गुना तक है। आम तौर पर ऐसा नहीं होना चाहिए, क्योंकि कई पैरामीटर्स पर एसीसी बेहतर या कम से कम बराबरी की स्थिति में दिखती है। ऐसे में साफ संकेत मिलता है कि कहीं न कहीं ग्रोथ की धारणा या भविष्य की ग्रोथ विजिबिलिटी में बाजार को एसीसी को लेकर संदेह है। 

जनवरी-फरवरी से सीमेंट स्टॉक्स में हलचल संभव

आगे की बात करें तो दिसंबर तिमाही के बाद, यानी जनवरी–फरवरी के आसपास सीमेंट सेक्टर में फिर से हलचल आने की संभावना बन सकती है। उस समय तक मैनेजमेंट के कमेंट्स और बाजार का नजरिया ज्यादा साफ हो जाएगा कि मौजूदा वैल्यूएशन टिकाऊ हैं या नहीं। अभी तक एक्सटेंडेड मानसून ने इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर असर डाला है, जिसकी वजह से सीमेंट डिमांड भी प्रभावित हुई। हालांकि, यह एक अस्थायी फैक्टर है।

निवेश के नजरिए से फिलहाल यही समझदारी होगी कि थोड़ा धैर्य रखा जाए। अगले दो–तीन साल में सीमेंट सेक्टर में पोटेंशियल जरूर है, लेकिन शॉर्ट टर्म में स्टॉक-टू-स्टॉक मूवमेंट सुस्त रह सकता है। एसीसी में भी जल्दबाजी के बजाय दिसंबर तिमाही के नतीजों और उसके बाद बनने वाले ट्रेंड को देखना बेहतर रहेगा। कुल मिलाकर, सेक्टर पर नजर बनाए रखें और एसीसी में धैर्य के साथ आगे बढ़ें, क्योंकि जब इंटरेस्ट लौटेगा तो वैल्यूएशन गैप भी धीरे-धीरे भर सकता है।


(शेयर मंथन, 19 दिसंबर 2025)

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