शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

कहाँ फंसा शेयर बाजार, आगे क्यों नहीं बढ़ रहा है? विकास सेठी ने बताई वजह

नए साल और नए हफ्ते की शुरुआत के साथ ही शेयर बाजार एक सीमित दायरे में चलता हुआ नजर आ रहा है। दिसंबर में जिस तरह की चाल बाजार में देखने को मिली थी, लगभग वैसा ही रुझान जनवरी के पहले हफ्ते में भी बना हुआ है

बाजार विश्लेषक विकास सेठी कहते है कि इस समय बाजार की सबसे बड़ी चिंता विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली है। उनकी सेलिंग थमने का नाम नहीं ले रही है, जिसका सीधा असर बाजार की मजबूती पर पड़ रहा है। हालांकि इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार खरीदारी कर रहे हैं और उन्होंने इस मामले में रिकॉर्ड भी बनाए हैं। इसके बावजूद बाजार को जिस बड़े पॉजिटिव ट्रिगर की जरूरत है, वह फिलहाल नदारद है। यही वजह है कि नए हाई छूने के बाद भी बाजार में मुनाफावसूली आ जाती है और इंडेक्स फिर से नीचे खिसक जाता है। 

कहाँ फंसा है शेयर बाजार?

वैश्विक स्तर पर भी कई अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव, भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील और टैरिफ से जुड़े मुद्दे, रूस-यूक्रेन युद्ध और उससे जुड़ी पेनल ड्यूटी जैसे विषय बाजार के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। हालांकि इन घटनाओं का तात्कालिक असर बहुत गहरा नहीं दिखा है, लेकिन ये सभी जियोपॉलिटिकल फैक्टर्स मिलकर बाजार की धारणा को पूरी तरह सकारात्मक बनने से रोक रहे हैं। 

निफ्टी ने हाल ही में नए हाई जरूर बनाए, लेकिन यह तेजी कुछ चुनिंदा लार्ज कैप शेयरों की वजह से आई, जिनका इंडेक्स में वेटेज ज्यादा है। इसके उलट ब्रॉडर मार्केट यानी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अभी भी दर्द साफ दिखाई देता है। रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो में पिछले कुछ समय में खास सुधार नहीं हुआ है। हालांकि हाल के दिनों में मिड और स्मॉलकैप में थोड़ी हलचल जरूर दिखी है, जिसे घरेलू फंड्स की खरीदारी से जोड़ा जा रहा है।

आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में तिमाही नतीजों की अहम भूमिका होगी। अगर कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं या कोई पॉजिटिव सरप्राइज मिलता है, तो बाजार न सिर्फ नए हाई बनाएगा बल्कि उसके ऊपर भी टिक सकता है। इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी कोई सकारात्मक खबर बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर साबित हो सकती है। साथ ही, नजदीक आता बजट भी निवेशकों की नजर में है, जिससे कुछ उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

मौजूदा हालात में बाजार से बहुत बड़े करेक्शन की उम्मीद नहीं की जा रही है। जब तक कोई बड़ा पॉजिटिव या नेगेटिव ट्रिगर सामने नहीं आता, तब तक बाजार इसी तरह दो दिन ऊपर और दो दिन नीचे वाली वोलैटिलिटी में चलता रह सकता है। अगर कोई मजबूत सकारात्मक खबर आती है, तो एकतरफा तेजी देखने को मिल सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार “वेट एंड वॉच” के मूड में ही नजर आ रहा है।


(शेयर मंथन, 08 जनवरी 2026)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

देश मंथन के आलेख