भारतीय शेयर बाजार को लेकर तकनीकी विश्लेषक शोमेश कुमार का नजरिया एक साल के लिए आशावाद का संकेत देता है।
निवेश सलाहकार शोमेश कुमार का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार के लिए मौजूदा दौर में ऋण वृद्धि, खपत में संभावित तेजी और कॉर्पोरेट कमाई में सुधार की प्रबल संभावना एक मजबूत आधार तैयार कर रही है। उनके अनुसार, इन कारकों के चलते भारतीय बाजार आने वाले एक वर्ष में वैश्विक बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। हालाँकि भू-राजनीतिक अस्थिरता को वे प्रमुख जोखिम के रूप में देखते हैंशोमेश कुमार के अनुसार, जून 2026 के अंत तक सेंसेक्स 91,000 और निफ्टी 27,500 के स्तर तक पहुँच सकता है। अगले 12 महीनों के लिए उनका आकलन और भी मजबूत है। दिसंबर 2026 तक वे सेंसेक्स को 93,000 और निफ्टी को 28,000 के स्तर पर देखते हैं।
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शोमेश कुमार के अनुमान |
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सेंसेक्स लक्ष्य (जून 2026) |
91,000 |
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निफ्टी लक्ष्य (जून 2026) |
27,500 |
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सेंसेक्स लक्ष्य (दिसंबर 2026) |
93,000 |
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निफ्टी लक्ष्य (दिसंबर 2026) |
28,000 |
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2025-26 में निफ्टी ईपीएस (रु.) |
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2026-27 में निफ्टी ईपीएस (रु.) |
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2025-26 की दूसरी छमाही में कॉर्पोरेट आय वृद्धि |
10-20% |
| 2025-26 में जीडीपी वृद्धि | 7% |
| 2026-27 में जीडीपी वृद्धि | 6.75% |
| अगले 6 माह में डॉलर-रुपया विनिमय दर | 88-91 |
| अमेरिका से ट्रेड डील कब तक | मार्च 2026 |
| सेंसेक्स 1 लाख पर किस वर्ष तक पहुँचेगा | 2028 |
शोमेश कुमार के मुताबिक, आने वाले छह महीनों में बाजार की दिशा तय करने में तिमाही नतीजे सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। अमेरिकी शुल्कों का असर वे भारतीय बाजारों पर हल्का नकारात्मक मानते हैं, जबकि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मार्च 2026 तक अंतिम रूप लेने की उम्मीद जताते हैं।
आगामी आम बजट 2026-27 को लेकर शोमेश कुमार को केंद्र सरकार से उपभोग और विनिर्माण को आगे बढ़ाने वाले केंद्रित सुधारों की निरंतरता की अपेक्षा है। उनका मानना है कि यदि ऐसे सुधार जारी रहते हैं तो बजट का असर बाजार पर मजबूत सकारात्मक रह सकता है।
शोमेश कुमार के अनुसार ब्याज दरों के संदर्भ में उनका आकलन है कि आगे चलकर वैश्विक और घरेलू स्तर पर दरों में नरमी का रुझान बना रह सकता है। निजी पूँजीगत व्यय की बहाली को वे सितंबर 2026 के बाद संभव मानते हैं। विदेशी निवेश प्रवाह के मोर्चे पर उनकी अपेक्षा तटस्थ से सकारात्मक रहने की है।
अगले 1 साल में पसंदीदा क्षेत्र/शेयर
तेजी वाले क्षेत्र : बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ एवं बीमा, खपत आधारित क्षेत्र, फार्मा एवं हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग, पूँजीगत वस्तुएँ, मीडिया
कमजोर क्षेत्र : सूचना प्रौद्योगिकी
(शेयर मंथन, 14 जनवरी 2026)