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क्या बजट में डेटा सेंटर पर फोकस से इस सेक्टर में नयी तेजी आएगी?

केंद्रीय बजट में इस बार डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और मेडिकल टूरिज्म जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस देखने को मिला।

सेठी फीनमार्ट के एमडी विकास सेठी का कहना है कि सरकार ने विदेशी क्लाउड सर्विस प्रदाताओं को भारत में डेटा सेंटर उपयोग करने पर टैक्स हॉलीडे जैसी प्रोत्साहन योजनाएं घोषित की हैं, जिससे डेटा सेंटर उद्योग को बड़ा लाभ मिल सकता है। हालांकि बजट के बाद आईटी शेयरों में गिरावट देखने को मिली, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि डेटा सेंटर इकोसिस्टम से जुड़ी कंपनियों के लिए यह लंबी अवधि का अवसर है। डेटा सेंटर बिजली की भारी खपत करते हैं, इसलिए पावर सेक्टर, कूलिंग और एयर-कंडीशनिंग उपकरण बनाने वाली कंपनियों तथा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाताओं को भी इससे फायदा मिल सकता है।

इस क्षेत्र में कुछ बड़ी कंपनियां तेजी से विस्तार कर रही हैं। अडाणी एंटरप्राइजेज डेटा सेंटर स्पेस में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की दिशा में काम कर रही है। वहीं अनंत राज इंडस्ट्रीज ने भी डेटा सेंटर क्षमता विकसित की है और आक्रामक विस्तार योजनाएं बना रही है। टेक्नो इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग भी इस क्षेत्र में निवेश कर रही है और इसकी कुछ क्षमताएं पहले से परिचालन में आ चुकी हैं। इन कंपनियों को आने वाले वर्षों में डेटा लोकलाइजेशन और क्लाउड विस्तार से लाभ मिल सकता है।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) सेक्टर भी निवेशकों के रडार पर है। “चाइना प्लस वन” रणनीति और भारत द्वारा यूरोप, ब्रिटेन तथा अमेरिका के साथ किए जा रहे व्यापार समझौतों से देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इस सेक्टर में हालिया गिरावट के बाद कई गुणवत्ता वाली कंपनियां आकर्षक मूल्यांकन पर उपलब्ध हैं। Dixon Technologies में अगले एक से डेढ़ वर्ष में 25–30% तक की संभावित बढ़त की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि कुछ विश्लेषक इसके मुकाबले अन्य कंपनियों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

उदाहरण के तौर पर Kaynes Technology, जो सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सुविधा विकसित कर रही है, लंबी अवधि के लिए बेहतर विकल्प मानी जा रही है। इसके अलावा PG Electroplast भी मजबूत ग्रोथ संभावनाओं के कारण पसंद की जा रही है। कैश मार्केट में एलिन इलेक्ट्रॉनिक्स और सिरमा SGS टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियों ने दमदार तिमाही नतीजे दिए हैं और इनमें आगे भी अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता मानी जा रही है।

इसके अलावा मेडिकल टूरिज्म और हेल्थकेयर सेक्टर पर भी बजट में ध्यान दिया गया है। अस्पताल, होटल और हेल्थकेयर सेवा प्रदाता कंपनियों को इससे लाभ मिल सकता है। कुल मिलाकर, डेटा सेंटर, पावर, सेमीकंडक्टर और ईएमएस जैसे क्षेत्रों में यदि निवेशक मजबूत बैलेंस शीट और स्पष्ट विस्तार योजनाओं वाली कंपनियों का चयन करें, तो अगले दो से तीन वर्षों में अच्छा धन सृजन संभव है।


(शेयर मंथन, 17 फरवरी 2026)

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