शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

तेल कंपनियों में बिकवाली से बाजार में आयी गिरावट

कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को तेल कंपनियों के शेयरों में हुई बिकवाली के कारण बाजार में कमजोरी दर्ज की गयी।

सऊदी अरब के ऑयलफील्ड पर हमले से कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आयी है, जिसका तेल कंपनियों के शेयरों पर नकारात्मक असर पड़ा। तेल कंपनियों के अलावा आज बाजार को गैस, बैंक, ऑटो और ऊर्जा शेयरों ने भी नुकसान पहुँचाया। वहीं एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
बीएसई सेंसेक्स (BSE SENSEX) 37,385 अंकों के पिछले बंद स्तर की तुलना में आज सुबह कमजोरी के साथ 37,204.56 पर खुला। सत्र के दौरान सेंसेक्स 37,029 के निचले स्तर तक फिसला और अंत में 261.68 अंकों या 0.70% की कमजोरी के साथ 37,123.31 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई (NSE) का निफ्टी (Nifty) 11,076 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 10,995 पर खुल कर 72.40 अंक या 0.65% की कमजोरी के साथ 11,033.50 पर बंद हुआ। आज निफ्टी का निचला स्तर 11,003.50 पर रहा।
निफ्टी के प्रमुख 50 शेयरों में से 14 शेयरों में मजबूती और 36 शेयरों में कमजोरी आयी। वहीं बीएसई के 31 प्रमुख शेयरों में से 06 शेयरों में बढ़ोतरी और 25 शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी।
आज के कारोबार में सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में से टेक महिंद्रा में 1.41%, ओएनजीसी में 1.40%, सन फार्मा में 0.80%, हिंदुस्तान यूनिलीवर में 0.60%, टीसीएस में 0.36% और भारती एयरटेल में भी 0.36% की बढ़त आयी। गिरने वाले शेयरों में से महिंद्रा ऐंड महिंद्रा में 2.55%, एसबीआई में 2.42%, यस बैंक में 2.19%, एशियन पेंट्स में 1.91% और टाटा स्टील में 1.66% की कमजोरी दर्ज की गयी।
आज बीएसई के कुल शेयरों में से 1,369 शेयरों में मजबूती के मुकाबले 1,150 शेयरों में कमजोरी आयी, जबकि 177 शेयर सपाट रहे।
प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले छोटे-मँझोले सूचकांकों में स्थिति मिली-जुली रही। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 0.27% की गिरावट और बीएसई स्मॉलकैप (BSE SmallCap) में 0.64% की मजबूती दर्ज की गयी। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) में 0.15% की गिरावट आयी और निफ्टी स्मॉल 100 में (Nifty Small 100) सपाट रहा। (शेयर मंथन, 16 सितंबर 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख