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रिलायंस (Reliance) के नतीजे उम्मीदों पर खरे

भारत की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने जुलाई-सितंबर 2013 की तिमाही के दौरान 5490 करोड़ रुपये का मुनाफा हासिल किया है।
यह मुनाफा पिछले कारोबारी साल की समान तिमाही के 5409 करोड़ रुपये से 1.5% ज्यादा है। ठीक पिछली तिमाही, यानी कारोबारी साल 2013-14 की पहली तिमाही के 5352 करोड़ रुपये के मुकाबले यह 2.6% ज्यादा है। ये नतीजे बाजार के अनुमान के अनुसार रहे हैं। बाजार के विश्लेषकों का अनुमान था कि कंपनी का मुनाफा 5400 करोड़ रुपये के ऊपर रहेगा।
कंपनी का शुद्ध कारोबार (नेट टर्नओवर) 1,03,758 करोड़ रुपये रहा है, जो ठीक पिछली तिमाही के 87,645 से 18.4% ज्यादा है। कारोबारी साल 2012-13 की दूसरी तिमाही के 90,336 से 14.9% ज्यादा है। कंपनी का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) 7.7 डॉलर प्रति बैरल रहा है। यह 2013-14 की पहली तिमाही में 8.4 डॉलर प्रति बैरल था। जुलाई-सितंबर 2013 में कंपनी का ईपीएस (बेसिक) बढ़ कर 17.0 रुपये हो गया है, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 16.7 रुपये रहा था।
रिफाइनिंग कारोबार में कंपनी की तिमाही आमदनी 97,456 करोड़ रुपये रही है, जो ठीक पिछली तिमाही के 81,458 करोड़ रुपये से 20% ज्यादा है। 2012-13 की दूसरी तिमाही के 83,878 करोड़ रुपये से 16% ज्यादा है। कंपनी के तेल-गैस खनन कारोबार की आमदनी 1,484 करोड़ रुपये रही है। इसमें तिमाही-दर-तिमाही 2% की मजबूती आयी है, जबकि साल-दर-साल 34.2% की कमी आयी है। पेट्रोकेमिकल कारोबार में कंपनी की आमदनी साल-दर-साल 12.85% बढ़ कर 24,892 करोड़ रुपये रही है। इसमें तिमाही-दर-तिमाही 13.4% मजबूती आयी है।
कंपनी के नतीजे बाजार बंद होने के बाद आये हैं। इसलिए पहली प्रतिक्रिया अब मंगलवार को बाजार खुलने बाद ही दिखेगी। शेयर बाजार में आज के कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भाव में मजबूती का रुख रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज कंपनी का शेयर 7.25 रुपये यानी 0.84% की बढ़त के साथ 870.25 रुपये पर बंद हुआ। हालाँकि इससे पहले यह ऊपर की ओर 874.90 रुपये चला गया। (शेयर मंथन, 14 अक्टूबर 2013)

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