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रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) ने किया टावर कारोबार बेचने का समझौता, शेयर टूटा

reliance adag logo smallदूरसंचार कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (Reliance Communications) ने अपनी टावर संपत्तियों और उससे संबंधित बुनियादी ढाँचे को बेचने के लिए टिलमैन ग्लोबल होल्डिंग्स और टीपीजी एशिया के साथ समझौता करने की घोषणा की है।

हालाँकि यह समझौता बाध्यकारी नहीं है। दोनों पक्षों ने 15 जनवरी 2016 तक के लिए एक्सक्लूसिविटी का समझौता किया है, मगर अंतिम रूप से यह सौदा पूरा होना आगे की बातचीत, छानबीन और नियामक स्वीकृतियों पर निर्भर होगा। कंपनी ने कहा है कि इस बातचीत के निष्कर्ष में एक सौदा हो जाना पक्का नहीं है।
इस प्रस्तावित समझौते के तहत ये टावर संपत्तियाँ रिलायंस इन्फ्राटेल (Reliance Infratel) से निकाल कर एक एसपीवी को हस्तांतरित कर दी जायेंगी। इस एसपीवी की 100% हिस्सेदारी टिलमैन और टीपीजी को मिलेगी। इन टावर संपत्तियों में रिलायंस कम्युनिकेशंस प्रमुख किरायेदार के रूप में रहेगी, जिसके लिए लंबी अवधि का एक एमएसए किया जायेगा।
रिलायंस कम्युनिकेशंस टावर संपत्तियों को बेचने से मिलने वाली राशि का उपयोग अपने ऋणों को वापस लौटाने में करेगी। साथ ही कंपनी के बयान में यह जानकारी भी दी गयी है कि टिलमैन और टीपीजी एक अन्य सौदे के तहत देश भर में रिलायंस कम्युनिकेशंस की ऑप्टिक फाइबर संपत्तियों को खरीदने पर भी विचार करेंगी। ये ऑप्टिक फाइबर संपत्तियाँ एक शहर के अंदर के नेटवर्क के साथ-साथ विभिन्न शहरों के बीच के नेटवर्क के लिए भी हैं।
टावर संपत्तियों को बेचने के प्रस्तावित समझौते की औपचारिक घोषणा के बाद आज रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर में कमजोरी आयी। इस खबर से पहले यह दोपहर में लगभग सपाट चल रहा था। मगर इस खबर के बाद इसमें गिरावट आने लगी। बीएसई में यह 2.60 रुपये या 3.11% गिरावट के साथ 81.05 रुपये पर बंद हुआ। (शेयर मंथन, 04 दिसंबर 2015)

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