शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

कोचीन शिपयार्ड (Cochin Shipyard) बनायेगी जेएसडब्ल्यू ग्रुप के लिए चार 8,000-टन क्षमता वाले जहाज

जहाज निर्माता कंपनी कोचीन शिपयार्ड (Cochin Shipyard) जेएसडब्ल्यू ग्रुप (JSW Group) के लिए चार 8,000-टन क्षमता वाले जहाज तैयार करेगी।

कंपनी ने 'चार 8,000 टी मिनी बल्क कैरियर' के निर्माण और आपूर्ति के लिए जेएसडब्ल्यू ग्रुप की इकाई उत्कर्ष एडवाइजरी सर्विसेज (Utkarsh Advisory Services) के साथ समझौता किया है।
कोचीन शिपयार्ड इन जहाजों का निर्माण अपने कोच्चि में मौजूद यार्ड में करेगी। जहाजों की आपूर्ति दिसंबर 2020 तक की जानी है।
1972 में शुरू हुई सरकारी कंपनी कोचीन शिपयार्ड ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूरोप और मध्य पूर्व की कई प्रसिद्ध कंपनियों से जहाज निर्माण के ठेके प्राप्त किये हैं। इसने भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत का भी निर्माण किया है।
वहीं जेएसडब्ल्यू समूह, जिसे पहले जिंदल साउथ वेस्ट के रूप में जाना जाता था, स्टील, ऊर्जा, खनिज, बंदरगाह एवं बुनियादी ढाँचे और सीमेंट सहित विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद है।
बीएसई में कोचीन शिपयार्ड का शेयर 363.60 रुपये के पिछले बंद स्तर की तुलना में आज मजबूती के साथ 370.00 रुपये पर खुला। अभी तक के कारोबार में इसका ऊपरी स्तर 378.50 रुपये रहा है। करीब 11.40 बजे कंपनी के शेयरों में 12.30 रुपये या 3.38% की तेजी के साथ 375.90 रुपये पर सौदे हो रहे हैं।
पिछले 52 हफ्तों की अवधि में कंपनी के शेयर का ऊपरी स्तर 543.95 रुपये और निचला स्तर 333.00 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 05 मार्च 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख