शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

अभी नहीं मिली झारखंड परियोजना के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की मंजूरी : अदाणी पावर (Adani Power)

अदाणी पावर (Adani Power) ने स्पष्ट किया है कि अभी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के विशेष आर्थिक क्षेत्रों पर मंजूरी बोर्ड ने कंपनी की झारखंड विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) परियोजना को हरी झंडी नहीं दिखायी है।

अदाणी पावर की सहायक कंपनी, अदाणी पावर (झारखंड), ने बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति के लिए झारखंड के गोड्डा में स्थित अपने 1,600 मेगावाट के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल विद्युत संयंत्र के संबंध में बिजली के लिए क्षेत्र विशिष्ट एसईजेड स्थापित करने की मंजूरी माँगी थी।
बीते रविवार को खबर आयी थी कि कंपनी को इस परियोजना के लिए मंजूरी मिल गयी है। मगर अदाणी पावर ने साफ किया है कि इस परियोजना के लिए संबंधित प्राधिकरण से अभी मंजूरी पत्र नहीं मिला है। इस परियोजना की लागत करीब 14,000 करोड़ रुपये बतायी जा रही है।
दूसरी तरफ बीएसई में अदाणी पावर का शेयर 51.10 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले मामूली वृद्धि के साथ 51.40 रुपये पर खुला। हरे निशान में शुरुआत के बाद कंपनी के शेयरों में थोड़ी बिकवाली देखने को मिली है।
साढ़े 11 बजे के करीब यह 0.35 रुपये या 0.68% की कमजोरी के साथ 50.75 रुपये पर है। इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 19,573.97 करोड़ रुपये है। वहीं पिछले 52 हफ्तों में कंपनी के शेयर का सर्वाधिक भाव 58.20 रुपये और निचला स्तर 15.20 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 06 मार्च 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख