शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

माइंडट्री (Mindtree) नहीं करेगी शेयरों की वापस खरीद, एलऐंडटी (L&T) के प्रस्ताव का होगा मूल्यांकन

प्रमुख आईटी सेवा प्रदाता माइंडट्री (Mindtree) के निदेशक मंडल ने बायबैक (शेयरों की वापस खरीद) प्रस्ताव को आगे न बढ़ाने का फैसला लिया है।

वहीं कल हुई बैठक में कंपनी ने शेयरधारकों के विचार के लिए एलऐंडटी (L&T) के प्रस्ताव पर "उचित सुझाव" प्रदान करने के लिए एक स्वतंत्र निदेशकों की समिति का गठन करने का भी निर्णय लिया है। यह समिति सभी शेयरधारकों के हितों का ध्यान रखते हुए सभी संबंधित तथ्यों, परिस्थितियों, कंपनी और उद्योग से संबंधित आंकड़ों को मद्देनजर रखते हुए प्रस्ताव के सभी पहलुओं पर विचार और मूल्यांकन करेगी।
माइंड्ट्री ने एक अलग बयान में जानकारी दी है कि 31% शेयरों की खरीदारी के लिए एलऐंडटी का ऑपन ऑफर 14 मई से 27 मई तक खुलेगा।
हाल ही में एलऐंडटी ने माइंडट्री के शेयरों को 980 रुपये प्रति की दर से 3,269 करोड़ रुपये में खरीदने का ऐलान किया था। इसके लिए कंपनी वीजी सिद्धार्थ (VG Siddhartha) की हिस्सेदारी खरीदेगी। वीजी सिद्धार्थ कॉफी डे (Coffee Day) के संस्थापक और माइंडट्री में सबसे बड़े शेयरधारक हैं।
बीएसई में माइंडट्री का शेयर 950.55 रुपये के पिछले बंद स्तर की तुलना में कमजोरी के साथ 939.90 रुपये पर खुल कर अभी तक के कारोबार में 911.00 रुपये तक गिरा है। 11.20 बजे के करीब कंपनी के शेयरों में 4.05 रुपये या 0.43% की कमजोरी के साथ 946.50 रुपये के भाव पर कारोबार हो रहा है। इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 15,542.86 करोड़ रुपये है। वहीं इसके पिछले 52 हफ्तों का शिखर 1,181.90 रुपये और निचला स्तर 752.60 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 27 मार्च 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख