शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

फोर्स मोटर्स (Force Motors) की सितंबर वाहन बिक्री बढ़ी, शेयर 2% से अधिक मजबूत

वाणिज्यिक और यूटिलिटी वाहन निर्माता फोर्स मोटर्स (Force Motors) की सितंबर वाहन बिक्री में साल दर साल आधार पर 3.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।

पिछले वर्ष सितंबर में 1,817 इकाइयों (निर्यात सहित) के मुकाबले 2019 की समान अवधि में कंपनी ने 1,875 इकाइयाँ बेचीं हैं। इनमें कंपनी की घरेलू बिक्री 1,723 इकाई के मुकाबले 1,725 इकाई पर सपाट रही, मगर निर्यात 94 इकाई से 59.6% बढ़ कर 150 इकाई पर पहुँच गया।
हालाँकि साल दर साल आधार पर सितंबर में फोर्स मोटर्स ने अपने उत्पादन में 21.25% की कटौती की। सितंबर 2018 में 2,390 वाहनों की तुलना में 2019 के इसी महीने में फोर्स मोटर्स ने 1,882 वाहन तैयार किये।
कई बड़ी कंपनियों की सितंबर बिक्री में गिरावट के बावजूद फोर्स मोटर्स की बिक्री में थोड़ा ही सही मगर इजाफा हुआ है। इसी के सहारे कंपनी के शेयर में आज मजबूती आयी है। बीएसई में फोर्स मोटर्स का शेयर 1,083.30 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले लाल निशान में 1,077.05 रुपये पर खुला। उतार-चढ़ाव के बाद करीब 2 बजे से कंपनी का शेयर मजबूत स्थिति में बना हुआ है। कारोबार के दौरान यह 1,128.80 रुपये के ऊपरी स्तर तक चढ़ा है।
सवा 3 बजे के करीब कंपनी के शेयरों में 23.05 रुपये या 2.13% की मजबूती के साथ 1,106.35 रुपये पर सौदे हो रहे हैं। इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 1,441.89 करोड़ रुपये है। वहीं इसके पिछले 52 हफ्तों का शिखर 1,980.00 रुपये और निचला स्तर 1,000.50 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 04 अक्टूबर 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख