शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

चौथी तिमाही में एचडीएफसी बैंक का मुनाफा 37% बढ़ा

निजी क्षेत्र की दिग्गज बैंक एचडीएफसी (HDFC) ने चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। स्टैंडअलोन आधार पर एचडीएफसी बैंक के मुनाफे में 37% की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

 कंपनी का मुनाफा 12,047.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 16,511.8 करोड़ रुपये हो गया है। खास बात यह है कि 10,900 करोड़ रुपये के फ्लोटिंग प्रोविजन के बाद भी कंपनी ने अच्छा मुनाफा दर्ज किया है। नतीजों में नकारात्मक बात यह देखने को मिली कि बैंक ने तीसरी तिमाही के बाद भी गाइडेंस जारी नहीं किया है। ब्याज से शुद्ध आय यानी एनआईआई (NII) में 24.5% की बढ़ोतरी रही है। एनआईआई 23,351.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 29,076.8 करोड़ रुपये हो गया है। सालाना आधार पर प्रोविजन में 5 गुना की बढ़ोतरी हुई है। प्रोविजन 2685.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 13,511.6 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं तिमाही आधार पर प्रोविजन में 3.2 गुना की वृद्धि हुई है। यह 4216.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 13,511.6 करोड़ रुपये हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से अल्टरनेट इन्वेस्टमेंट फंड पर सफाई आने के बाद 185.27 करोड़ के प्रोविजन को वापस लिया था। सकल आधार पर एनपीए यानी ग्रॉस NPA तिमाही आधार पर 1.26% से घटकर 1.24% हो गया है। वहीं शुद्ध एनपीए 0.27% से बढ़कर 0.33% हो गया है। वहीं शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.4% से बढ़कर 3.44% हो गया है। वित्त वर्ष 2024 के लिए रिटर्न ऑन एसेट 2.1% से घटकर 2% रह गया है। वही रिटर्न ऑन इक्विटी 16.4% से घटकर 16.3% हो गया है। लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो 110% से बढ़कर 115% हो गया है। बोर्ड ने 19.5 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया है। डिविडेंड की रिकॉर्ड तारीख 10 मई तय की गई है। बोर्ड ने 60,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स के रिन्युअल को भी मंजूरी दी है। एचडीएफसी बैंक का शेयर 0.30% गिर कर 1507.60 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ है।

(शेयर मंथन, 23 अप्रैल, 2024)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख